Uddhav Thackeray पर भारी पड़ा 'नारी श्राप', आज मेरा घर टूटा है कल तुम्हारा घमंड टूटेगा... कंगना रनौत का पुराना वीडियो वायरल

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कंगना रनौत ने तब उद्धव ठाकरे को चुनौती दी थी

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों कुछ सही नहीं चल रही है। जी हां, दरअसल राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की गद्दी इस समय काफी खतरे में है। मालूम हो उद्धव ठाकरे के करीबी विश्वासपात्र एकनाथ शिंदे ने बगावत कर दी है, जिसके बाद से उद्धव ठाकरे के इस्तीफा देने के कयास लगाए जा रहे हैं। इन सब सियासी हलचल के बीच बॉलीवुड की 'पंगा गर्ल' यानी अभिनेत्री कंगना रणौत का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कंगना रणौत कह रही हैं कि उद्धव ठाकरे का घमंड टूट जाएगा। 

पिछले साल का पुराना वीडियो हुआ वायरल

दरअसल, कंगना रणौत का यह वीडियो साल 2020 का है, जब अभिनेत्री के ऑफिस पर बीएमसी का बुल्डोजर चला था। उन दिनों अभिनेत्री ने उद्धव ठाकरे को निशाना बनाते हुए एक भविष्यवाणी की थी, जो अब चर्चा में है। कंगना ने वीडियो में कहा, 'उद्धव ठाकरे, तुम्हें क्या लगता है कि तुमने मुझसे बदला लिया है? आज मेरा घर टूटा है, कल तुम्हारा घमंड टूटेगा।' इसके अलावा, कंगना रणौत का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहती दिख रही हैं, 'जब भी कोई व्यक्ति औरत का अपमान करता है उसका पतन जरूर होता है।'

सोशल मीडिया पर कंगना रणौत के यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और इस पर यूजर्स भी अपनी जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'एक बार कंगना ने कहा था, आज मेरा घर टूटा है कल तुम्हारा घमंड टूटेगा।' दूसरे यूजर ने लिखा, 'कंगना रणौत की भविष्यवाणी सही दिशा में जा रही है।' इसी तरह और भी लोग अपनी बात कंगना के वीडियो पर रख रहे हैं।

गौरतलब है कि बीएमसी ने साल 2020 में कंगना रणौत के मुंबई स्थित ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद अभिनेत्री ने बीएमसी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मुआवजे की मांग की थी। इस मामले में कोर्ट का फैसला भी कंगना के हक में आया था। कोर्ट का कहना था कि बीएमएसी ने खराब नीयत से यह कदम उठाया था और कंगना का दफ्तर गलत इरादे से तबाह किया गया। कोर्ट ने कहा कि यह नागरिकों के आधिकार के भी विरुद्ध था। अदालत के फैसले के बाद कंगना रनौत ने ट्वीट किया था, 'जब कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ खड़ा होता है और जीतता है, तो यह व्यक्ति की जीत नहीं बल्कि लोकतंत्र की जीत होती है।'