Corona है या नॉर्मल फ्लू, कैसे करें कंफर्म? जानें दोनों में क्या है अंतर

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Corona है या नॉर्मल फ्लू, कैसे करें कंफर्म?

कोरोना के बीच बदलते मौसम के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। लोगों को तेज बुखार, बदन दर्द हो रहे हैं। ऐसे में लोग डर जा रहे हैं कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं हो गया है। कोरोना की तासरी लहर की आने की आहट आ रही है। चूंकी मौसम अब धीरे-धीरे बदल रहा इसकी वजह से कई तरह की बीमारियां लोगों को हो सकती हैं। मगर आप बचाव और परहेज इस तरह की बीमारियों से बच सकते हैं। छोटी-छोटी गलतियां अपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

डॉक्टर साइकिरण चौधरी के मुताबिक फ्लू हर सीजन में आता है। मौसम बदलेगा तो फ्लू होगा। फ्लू के लक्षण सर्दी-जुकमा, नजला और गला खराब होना। लगभग हर वायरल के लक्षण एक तरह के ही होते हैं। अब अगर कोरोना संक्रमण और वायरल में अंतर को समझें, तो डॉक्टर के मुताबिक, आज के समय में यह स्थान पर निर्भर करता है कि कौन सा फ्लू कोरोना है और कौन सा नहीं। दिल्ली जैसे शहर, जहां कोरोना संक्रमण दर काफी कम है। वहां मलेरिया और डेंगू के फ्लू हो सकते हैं। मलेरिया में काफी तेज बुखार आता है और एक पैटर्न में आता है। डेंगू में बुखार तेज आएगा साथ में सिर और आंखों में दर्द जैसे लक्षण होते हैं।

डॉक्टर साइकिरण चौधरी का कहना है कि कोरोना के तीसरे वेव से बचने के लिए मास्क और हाथों की सफाई बेहद जरूरी है। साथ ही वैक्सीनेशन की स्थिति पर भी कोरोना की तीसरी वेव निर्भर करेगी। इसके पहले हमें सावधानियां ही कोरोना से बचा सकती है।