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Bihar: क्या इस बार कोई बड़ा गुल खिला देंगे तेज प्रताप? पार्टी में मचे घमासान का नहीं निकल पा रहा समाधान

क्या इस बार कोई बड़ा गुल खिला देंगे तेज प्रताप

बिहार में इस समय हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है। लालू के दोनों लाल के बीच मनमुटाव अब सब के सामने आ गया है। आरजेडी के में फिलहाल अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है। एक तरफ जहां पार्टी के नेता कह रहे हैं कि सब कुछ ठीक है, वहीं खुद को सेकेंड लालू  कहने वाले तेज प्रताप यादव  भाई तेजस्‍वी यादव से मिलने तो गए वो नहीं मिले।

गुस्‍साए तेज प्रताप वहां से लौट गए। अब सवाल यह है कि आरजेडी के प्रदेश अध्‍यक्ष जगदानंद सिंह  के खिलाफ अदालत जाने तथा आरजेडी मे उनपर कार्रवाई नहीं होने तक पार्टी की गतिविधियों से दूर रहने की घोषणा कर चुके तेज प्रताप का अगला कदम क्‍या होगा? तेजप्रताप ने सवाल किया, किसी को पार्टी से हटाने से पहले आपने शोकाउज नोटिस क्यों नहीं भेजा। पार्टी और नियम के विरुद्ध जाकर प्रदेश अध्यक्ष ने यह कार्रवाई की है। बिना नियम कानून जाने कोई प्रदेश अध्यक्ष थोड़े ही बन जाता है।

वहीं जगदानंद सिंह ने छात्र आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को तत्काल हटाकर नए छात्र नेता गगन कुमार को छात्र आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया। उन्होंने ये भी कहा कि आकाश यादव की उन्होंने कभी छात्र आरजेडी का प्रदेश अध्यक्ष कभी नियुक्त ही नहीं किया, यह पद काफी से खाली था। बताया जाता है कि तेजप्रताप यादव ने आकाश यादव को यह पद सौंपा था।

तेज प्रताप के ऐसे बयानों से अभी तक रूठते-मानते रहे जगदानंद सिंह इस बार अलग अंदाज में नजर आए। उन्‍होंने पार्टी कार्यालय आना छोड़ दिया। यहां तक कि स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर बतौर प्रदेश अध्‍यक्ष पार्टी कार्यालय में झंडोत्‍तोलन के लिए भी नहीं आए। इस बीच डैमेज कंट्रोल की कोशिशों के बीच वे राबड़ी देवी  व तेजस्‍वी यादव के बुलावे पर उनसे मिलने गए। वहां से लौटकर वे पार्टी कार्यालय गए , लेकिन पहला काम तेज प्रताप यादव के करीबी आकाश यादव  को छात्र आरजेडी अध्‍यक्ष के पद से हटाने का किया। यह तेज प्रताप को खुला चैलेंज था।

तेज प्रताप शुक्रवार की शाम में तेजस्‍वी से मिलने गए, लेकिन वहां से गुस्‍से में लौटे। बताया कि तेजस्‍वी के सलाहकार संजय यादव परिवार में दरार डाल रहे हैं, उन्‍होंने तेजस्‍वी से बात नहीं करने दी। तेजस्‍वी भले हीं इनकार करें, लेकिन तेज प्रताप की बातों से स्‍पष्‍ट है कि परिवार में मतभेद तो है हीं।