सेना में भर्ती होने का सपना होगा पूरा, मोदी सरकार लाई TOD, जिंदगी भर की बंदिश नहीं, 4 साल बाद घर वापसी संभव

TOD-Tour-of-Duty.webp

सेना में जाने का हर युवा का सपना होगा पूरा!

इंडियन डिफेंस फोर्सेस को यंग बनाए रखने के लिए सरकार ने नई योजना तैयार कर ली है। अब भारत की डिफेंस फोर्सेस हमेशा जवान बनी रहेंगी। मतलब यह है कि जिस तरह से आर्मी में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत ऑफिसर्स ग्रेड में भर्तियां होती हैं ठीक वैसे ही सिपाही स्तर पर होगी। शार्ट सर्विस कमीशन के तहत अपाइंट किए गए अफसरों में से 25 फीसदी को ही परमानेंट कमीशन मिल पाता है। ठीक उसी तरह 25 फीसदी जवानों को भी परमानेंट नियुक्तियां दी जाएंगी। इस नई व्यवस्था को टूर ऑफ ड्यूटी कहा गया है। इससे दो फायदे हैं वो यह कि जो युवा टूर ऑफ ड्यूटी (टीओडी) के तहत सेना में शामिल होना चाहेंगे उन्हें आसानी से सेना की वर्दी पहनने का मौका मिल जाएगा, वो चार साल के बाद घर वापस जा सकते हैं। और दूसरी बात यह कि चार साल के बाद सेना को ऐसे जवानों में उत्कृष्ट जाबांजों को छांटने का मौका मिल जाएगा।  

सेना मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक टीओडी के तहत जितने युवाओं की भर्ती होगी वह चार साल के लिए ही होगी। बाद में तय किया जाएगा कि इनमें से कितनों को परमानेंट किया जाना है। कौन परमानेंट होगा इसके लिए सिलेक्शन बोर्ड बनाया जाएगा, जो सैनिकों की प्रफेशनल दक्षता के आधार पर उनका चयन करेगा। एक अधिकारी के मुताबिक, जिस तरह ऑफिसर रैंक में काबिलियत के हिसाब से आगे बढ़ते हैं उसी तरह सैनिक भी अपनी योग्यता के हिसाब से परमानेंट होंगे। शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत जो अधिकारी आते हैं उनमें से भी करीब 20-25पर्सेंट को ही परमानेंट कमिशन मिल पाता है।

सैनिकों के रिक्रूटमेंट का तरीका अभी वही रहेगा जो अब तक रहा है। बाद में धीरे धीरे इसमें बदलाव करने की भी योजना है। बाद में रिक्रूटमेंट के लिए पैटर्न चेंज कर लिखित परीक्षा पहले और फिजिकल टेस्ट बाद में किया जा सकता है। जो युवा टूर ऑफ ड्यूटी के तहत आएंगे, उनकी छह महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग होगी। अमूमन 18साल में युवा सेना में आएंगे और चार साल बाद बाहर निकलेंगे तो उनकी उम्र 21-22साल की होगी। सेना से निकलकर ये युवा दूसरा रोजगार कर सकें इसलिए चार साल की सर्विस के दौरान ही इन्हें प्रफेशनल डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी कराए जाएंगे। जब युवा रिक्रूट होंगे तो ट्रेनिंग के दौरान उन्हें करीब 12-15हजार रुपये महीना मिलेगा और ट्रेनिंग पूरी होकर जब शपथ ले लेंगे तो करीब 35हजार रुपये सैलरी मिलेगी।

टीओडी पूरी करने के बाद घर जाने वाले जवानों को पेंशन नहीं मिलेगी लेकिन इस दौरान ऐसे प्रोफेशनल कोर्स और डिग्री दिलवाई जाएगी जिससे उन्हें घर जाते ही नौकरी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। टीओडी के साथ ही ईसीएचएस भी बंद हो जाएगी किंतु चार साल की टीओडी के बाद घर वापस जाएंगे तो उन्हें एकमुश्त करीब 10-12लाख रुपये मिलेंगे। अगर टीओडी के दौरान ड्यूटी पर किसी सैनिक की मौत हो जाती है तो परिवार को इंश्योरेंस अमाउंट के तौर पर करीब 45-50लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा टीओडी में बकाया दिनों का वेतन भी परिवार को दिया जाएगा।