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टू प्लस टू डायलॉग: भारत-अमेरिका संयुक्त बयान से चीन-पाक की नींद हराम!

2+2 डायलॉग के दौरान भारत-अमेरिका ने जो संयुक्त बयान दिया है उससे चीन और पाकिस्तान की रातों की नींद हराम हो गयी है।

आईएन ब्यूरो अपडेटेड October 27, 2020 16:25 IST
2+2 dialogue
'2+2 डायलॉग' दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्री क्रमशः टी एस्पर- माइक पोम्पियो और राजनाथ सिंह-एस.जयशंकर

चीन और पाकिस्तान की रातों की नींद हराम हो गयी । क्योंकि टू प्लस टू वार्ता के बाद संयुक्त बयान में कहा गया है कि अमेरिका केवल चीन के साथ एलएसी विवाद में ही नहीं बल्कि संपूर्ण सुरक्षा मामलों में भारत के साथ खड़ा है। ध्यान रहे, जब संपूर्ण सुरक्षा शब्द कहे जाते हैं तो इसका मतलब पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकी हमले भी इसमें शामिल हैं। यही कारण है कि चीन से ज्यादा खलबली पाकिस्तान में मच गई है।
इस संयुक्त बयान से पहले भारत और अमेरिका ने नई दिल्ली में आयोजित तीसरी टू प्लस टू मंत्री स्तरीय बैठक में सोमवार को बीईसीए समझौते (बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन अग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के बाद भारत-अमेरिका के बीच सूचनाओं को आसानी से साझा किया जा सकेगा। बैठक के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ, रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राजनाथ सिंह ने संयुक्त बयान जारी किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि बैठक में दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की है और बीईसीए समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, माइक पोम्पिओ ने जून महीने में हुई गलवान घाटी में हिंसा का भी जिक्र किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ”अमेरिका के साथ सैन्य स्तर का हमारा सहयोग बहुत बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहा है, रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास के लिए परियोजनाओं की पहचान की गई है। हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए फिर से अपनी प्रतिबद्धता जताते हैं।”

संयुक्त बयान के दौरान अमेरिका ने चीन पर निशाना साधा। गलवान का जिक्र करते हुए माइक पोम्पिओ ने कहा कि हमने नेशनल वॉर मेमोरियल का दौरा किया, जहां भारतीय सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसमें गलवान घाटी में शहीद हुए 20 जवान भी शामिल थे। उन्होंने आगे कहा कि कहा कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है क्योंकि दोनों संप्रभुता, लिबर्टी के खतरों का सामना कर रहे हैं। माइक पोम्पिओ ने चीन पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे नेता और जनता स्पष्ट तौर पर देख रही है कि चीन की कम्युनिष्ट पार्टी लोकतंत्र, कानून और पारदर्शिता को नहीं मानती है।

पोम्पिओ ने कहा, ”हम संपूर्ण सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए संबंधों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं न कि सिर्फ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की चुनौती के मद्देनजर। हम भारत की संप्रभुता के खतरों से निपटने के लिए उसके साथ खड़े हुए हैं। अमेरिका और भारत के बीच हमारे लोकतंत्रों और साझा मूल्यों की रक्षा के लिए बेहतर तालमेल है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने भी संयुक्त बयान के दौरान बताया कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ”हमारे साझा मूल्यों और साझा हितों के आधार पर, हम स्वतंत्र और ओपन इंडो-पैसिफिक के समर्थन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, विशेष रूप से चीन द्वारा बढ़ती आक्रामकता और अस्थिर करने वाली गतिविधियों के मद्देनजर। एस्पर ने आगे कहा कि जैसा कि दुनिया एक वैश्विक महामारी और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है, भारत-अमेरिका की साझेदारी क्षेत्र और दुनिया की सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

‘टू प्लस टू वार्ता’ के बाद संयुक्त बयान जारी करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा तालमेल में वृद्धि हुई है, हिन्द-प्रशांत हमारी चर्चा का एक केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई चर्चा के दौरान हमारे पड़ोसी देशों को लेकर भी जिक्र किया गया। हमने स्पष्ट किया कि सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

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