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नगरोटा मुठभेड़: पाकिस्तान की जमीन से आतंकियों के तार जुड़ने के सबूत मिले, पाक उच्चायुक्त को लगी कड़ी फटकार

विदेश मंत्रालय ने शनिवार की सुबह पाकिस्तान के उच्चायुक्त को तलब कर कड़ी फटकार लगाई जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं से चलने वाली आतंकी गतिविधियों को बंद करे।

आईएन ब्यूरो अपडेटेड November 21, 2020 18:39 IST
सुरक्षाकर्मी
नगरोटा में आतंकवादियों के मंसूबे नाकाम करने के बाद तैनात सुरक्षाकर्मी। (फाईल फोटो)

नगरोटा मुठभेड़ में आतंकवादियों के मंसूबे पर पानी फेरने के बाद भारत को ऐसे सबूत मिले हैं जो पाकिस्तान की जमीं से आतंकवादी गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने शनिवार की सुबह पाकिस्तान के उच्चायुक्त को तलब कर कड़ी फटकार लगाई जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं से चलने वाली आतंकी गतिविधियों को बंद करे। बता दें कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक ट्रक में सवार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को मार गिराया।

विदेश मंत्रालय ने ट्वीट में लिखा, भारत सरकार अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के संरक्षण के लिए सारे आवश्यक उपाय करने के प्रति अड़िग है। पाकिस्तान की जमीन से भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर ऐसी कोशिश आगे होती है तो भारत जवाबी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजील डोभाल, विदेश सचिव और शीर्ष खुफिया प्रतिष्ठानों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक से यह बात निकलकर आई कि आतंकवादी 26/11 मुंबई आतंकी हमले की बरसी पर देश को एक बार फिर दहलाने की साजिश रच रहे थे।

GPS डिवाइस से मिली जानकारी, मसूद के भाई के संपर्क में थे आतंकी

आतंकियों के साथ मुठभेड़ सुनियोजित और सूचना के आधार पर हुई थी। यह खुफिया सूचना आधारित ऑपरेशन था। सुरक्षाबलों का मानना है कि सीमापार से आए आतंकी एक बड़े हमले को अंजाम देने वाले थे। बता दें कि कुछ जानकारी GPS डिवाइस से मिली थी जिसके आधार पर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इसके बाद चारों आतंकवादियों के पास मिले मोबाइल फोन से पता है कि वे पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती रऊफ असगर और कारी जरार के संपर्क में थे। इनका मकसद कश्मीर घाटी में बड़ा हमला करना था।

आपको बता दें कि मुफ्ती असगर जेईएम प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र की ओर से नामित वैश्विक आतंकी मसूद अजहर का छोटा भाई है। वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट कर सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को मार गिराने की घटना और उन आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद होना इस ओर संकेत करता है कि भीषण तबाही और नुकसान करने की उनकी कोशिशों को एक बार फिर नाकाम कर दिया गया।

सुरक्षाबलों को बहादुरी पर धन्यवाद देते हुए पीएम ने लिखा, हमारे सुरक्षा बलों ने एक बार फिर शानदार बहादुरी दिखाई है और अपनी निपुणता का परिचय दिया है। मोदी ने कहा, हमारे सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर हो रहे लोकतांत्रिक अभ्यास को निशाना बनाने की एक और साजिश को नाकाम कर दिया, उनकी सतर्कता को धन्यवाद।

 

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