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मिर्जापुर और सोनभद्र के लिए 22 नवंबर को ‘पेयजल परियोजनाओं’ की आधारशिला रखेंगे पीएम मोदी

नल का कनेक्शन उपलब्ध होने के बाद यहां के 42 लाख लोगों को फायदा पहुंचने वाला है। 

आईएन ब्यूरो अपडेटेड November 21, 2020 15:01 IST
नल जल परियोजना
पीएम मोदी 22 नवंबर को नल जल परियोजना की आधारशिला रखेंगे। (फाईल फोटो)

विंध्‍याचल क्षेत्र के लोगों को ग्रामीण पेयजल की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी कल यानी 22 नवंबर को ग्रामीण पेयजल सप्‍लाई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इससे मिर्जापुर और सोनभद्र जिले के गांवों को काफी लाभ मिलने वाला है। विंध्‍याचल क्षेत्र की बहुउद्देशीय बाणसागर नहर परियोजना के शुरु होने के बाद अब नल के पानी का कनेक्शन उपलब्ध होने से यहां के 42 लाख लोगों को फायदा पहुंचने वाला है।

पीएम मोदी गांव की जल और स्‍वच्‍छता समिति/पानी समिति के सदस्‍यों से भी बातचीत करेंगे। इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ भी उपस्थित होंगे। मिर्जापुर और सोनभद्र में इस परियोजना से 2,995 गांव के सभी परिवारों में नल के पानी का कनेक्‍शन दिया जाएगा। वहीं इन सभी गांवों में ग्राम जल और स्‍वच्‍छता समितियां व पानी समिति बनाई गई हैं जिनके कंधों पर संचालन और रखरखाव की जिम्‍मेदारी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 5,555.38 करोड़ रुपये है और इसे दो साल में पूरा करना है।

आपको बता दें कि पीएम ने 15 अगस्‍त, 2019 को लालकिले के प्राचीर से जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। इसका उद्देश्‍य 2024 तक देश के सभी ग्रामीण घरों में नल से पानी का कनेक्‍शन प्रदान करना है। अगस्‍त, 2019 में मिशन की घोषणा के समय 18.93 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से सिर्फ 3.23 करोड़ परिवारों में (17 प्रतिशत) नल के पानी का कनेक्‍शन था। इसके बाद सरकार की ओर से अगले चार सालों में नल के पानी का कनेक्‍शन देने के लिए 15.70 करोड़ प्रदान करने की योजाना है। मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 15 महीनों में कोविड-19 महामारी के बावजूद 2.63 करोड़ परिवारों में नल से पानी कनेक्‍शन दिया गया है और वर्तमान में 5.86 करोड़ (30.67 प्रतिशत) परिवारों में नल से पानी का कनेक्‍शन दिया गया है।

वहीं विध्यांचल क्षेत्र को पानीदार बनाने के लिए मोदी सरकार ने यहां बहुप्रतिक्षित बाणसागर परियोजनाओं को भी शुरू किया था। इसके निर्माण में 3420.24 करोड़ रुपये कुल लागत आई है। बाणसागर परियोजना से मिर्जापुर व इलाहाबाद के लाखों किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिल रहा है। इसके साथ ही इसका लाभ बिहार और  मध्य प्रदेश के किसानों को मिल रहा है।

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