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वायु प्रदूषण : दिल्ली-एनसीआर के 65 फीसद घरों के लोगों को होने लगीं इससे जुड़ी परेशानियां

दिल्ली-एनसीआर के 47 प्रतिशत लोगों को सर्दी, खांसी या गले में खरास की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जबकि 26 प्रतिशत को आंखों में जलन और 30 प्रतिशत को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। 

आईएएनएस अपडेटेड October 15, 2020 18:31 IST
New Delhi: Smog engulfs the national capital as the air quality worsens, on Nov 15, 2019. The air pollution emergency in Delhi has aggravated with the air quality index (AQI) spiking sharply to 528 on Friday morning.The AQI on Thursday was much lower at 470 in the 'severe plus' category. The PM 10 count was also in the severe plus category at 496 and PM 2.5 count was at 324.(Photo: IANS)
दिल्ली-एनसीआर के 65 प्रतिशत घरों के लोगों को होने लगीं प्रदूषण से जुड़ी परेशानी (फोटो-आईएएनएस)

दिल्ली के लगभग 65 प्रतिशत घरों में एक या एक से अधिक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने पहले ही प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का सामना करना शुरू कर दिया है। एक सर्वेक्षण में इस बात का पता चला है कि दिल्ली-एनसीआर के 47 प्रतिशत लोगों को सर्दी, खांसी या गले में खरास की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जबकि 26 प्रतिशत को आंखों में जलन और 30 प्रतिशत को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

‘लोकल सर्कल्स’ की ओर से कराए गए इस सर्वे में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के करीब 15,500 लोगों ने हिस्सा लिया।

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक गुरुवार दोपहर एक बजे 323 पर था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हर साल यह देखने में आता है कि राजधानी और इससे सटे इलाकों में सर्दियां शुरू होते ही वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। हालांकि अभी सर्दी शुरू भी नहीं हुई है, मगर लोगों को प्रदूषण का आभास होने लगा है।

शहर के कई डॉक्टरों और अस्पतालों का भी कहना है कि सांस लेने में कठिनाई वाले रोगियों के मामलों की अधिक संख्या देखने को मिल रही है। पहले से श्वसन संबंधी बीमारियों से घिरे लोग खराब हवा के संपर्क में आते हैं तो उन्हें और अधिक परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। यहां तक कि उन्हें कोरोनावायरस जैसे संक्रामक रोगों का खतरा भी अधिक है।

इसमें लोगों से पूछा गया कि बढ़ते प्रदूषण का आपके और आपके परिवार पर क्या असर पड़ रहा है। इस सवाल के जवाब में 29 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके परिवार में एक या एक से अधिक लोगों का अभी से गला खराब, जुकाम और कफ जैसी समस्या होने लगी है। इसके अलावा छह प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके घर में एक या अधिक लोगों को आंख में जलन की समस्या हो रही है। जबकि 12 प्रतिशत ने कहा कि एक या अधिक फैमिली मेंबर को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। इसके साथ ही 18 प्रतिशत लोगों ने उपरोक्त सभी प्रकार की दिक्कतें होने की बात कही।

कुल मिलाकर सर्वे में शामिल 65 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके घर में एक या अधिक लोगों को प्रदूषण की वजह से परेशानी होनी शुरू हो गई है।

प्रदूषण से निपटने की योजना के सवाल पर सर्वे में शामिल छह प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह कुछ समय के लिए दिल्ली-एनसीआर से बाहर चले जाएंगे। वहीं 21 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह घरों में ही रहेंगे और इम्युनिटी बढ़ाएंगे। वहीं, 12 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करेंगे। वहीं 24 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह नियमित गतिविधि (रूटीन एक्टिविटी) करेंगे और मास्क पहनेंगे।

इसके साथ ही 25 फीसद से अधिक लोगों ने कहा कि वे नियमित गतिविधि करेंगे और बाहर जाने पर मास्क पहनेंगे और इसके अलावा इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाएंगे। जबकि 9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे उपरोक्त में से कोई भी काम नहीं करेंगे और बस इसी परिस्थिति के साथ बने रहेंगे।

सर्वे में शामिल चार प्रतिशत लोगों ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने काफी काम किया है और इस बार अच्छे परिणाम दिखेंगे। वहीं, सात प्रतिशत लोगों ने कहा कि काम हुआ है और कुछ न कुछ असर पड़ेगा। हालांकि इस मामले में 42 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कुछ काम नहीं हुआ है और प्रदूषण पिछले साल जैसा ही रहेगा।

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