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किसान रेलों में फलों, सब्जियों के माल भाड़े में 50 फीसद की छूट देगी मोदी सरकार

खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय की ऑपरेशन ग्रीन्स–‘टॉप टू टोटल’ योजना के तहत यह सब्सिडी सीधे किसान रेल को प्रदान की जाएगी।

आईएन ब्यूरो अपडेटेड October 16, 2020 17:35 IST
Modi government will give 50 percent discount on freight of fruits and vegetables on farmer trains
किसान रेलों में फलों, सब्जियों के माल भाड़े में 50 फीसद की छूट देगी मोदी सरकार

किसान रेल सेवाओं का उपयोग करते हुए किसानों को और मदद तथा प्रोत्‍साहन देने के लिए रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय ने अधिसूचित फलों और सब्जियों की ढुलाई में 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय की ऑपरेशन ग्रीन्स–‘टॉप टू टोटल’ योजना के तहत यह सब्सिडी सीधे किसान रेल को प्रदान की जाएगी। इसके लिए खाद्य एवं प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय, रेल मंत्रालय को आवश्‍यक धन उपलब्‍ध कराएगा।

यह सब्सिडी किसान रेल गाडि़यों में 14 अक्टूबर 2020 से लागू हो गई है। इस सब्सिडी के तहत पात्र वस्तुओं की सूची में फल श्रेणी में आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, पपीता, मौसम्बी, संतरा, किन्‍नू, लाइम, नींबू, अनानास, अनार, कटहल, सेब, बादाम, आंवला और नाशपाती आदि शामिल हैं। जबकि सब्जियों में फ्रेंच बीन्स, करेला, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, हरी मिर्च, ओकरा, ककड़ी, मटर, लहसुन, प्याज, आलू और टमाटर हैं। भविष्‍य में कृषि मंत्रालय या राज्य सरकार की सिफारिशों के आधार पर किसी अन्य फल/सब्जी को भी इस सूची में शामिल किया जा सकता है।

किसान रेल त्‍वरित परिवहन द्वारा तेजी से देश के एक कोने से दूसरे कोने तक कृषि उत्‍पादों की पहुंच सुनिश्चित करती है, जिससे किसान और उपभोक्‍ता दोनों को लाभ पहुंच रहा है। किसान रेल छोटे किसानों और छोटे व्‍यापारियों की जरूरतों को पूरा कर रही है और न केवल यह परिवर्तनकारी सिद्ध हो रही है, बल्कि यह जीवन परिवर्तक भी बन गई है। यह किसानों की आय को बढ़ाने के प्रयास को पूरा कर रही है।

किसान रेल निश्चित रूप से किसानों के जीवन में बदलाव ला रही है। यह किसानों को बेहतर मूल्‍य के आश्‍वासन के साथ बहुत त्‍वरित और सस्‍ता परिवहन, सहज आपूर्ति श्रृंखला उपलब्‍ध करा रही है और जल्‍दी खराब होने वाले कृषि उत्‍पादों को नष्‍ट होने से बचा रही है। जिससे किसानों की आय बढ़ाने की संभावना में बढ़ोतरी हो रही है।

पहली किसान रेल, देवलाली (नासिक, महाराष्ट्र) से दानापुर (पटना, बिहार) के बीच चली। यह एक साप्ताहिक ट्रेन है। इसके बाद लोकप्रिय मांग के आधार पर इस ट्रेन को मुजफ्फरपुर (बिहार) तक बढ़ा दिया गया और इसका संचालन सप्ताह में दो बार कर दिया गया। इसके अलावा, सांगला और पुणे से इसमें लिंक कोच भी शुरू कर किए गए हैं जो किसान रेल में मनमाड से जुड़ते हैं।

दूसरी किसान रेल अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) से आदर्श नगर दिल्ली तक चलती है। यह एक साप्ताहिक ट्रेन है। तीसरी किसान रेल बेंगलुरु (कर्नाटक) से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) के बीच चलती है। इसको साप्ताहिक ट्रेन के रूप में चलाया गया। चौथी किसान रेल नागपुर और वारुद ऑरेंज सिटी (महाराष्ट्र) से आदर्श नगर दिल्ली तक चलेगी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रेल अपनी मालगाड़ियों के माध्यम से कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यहां तक कि लॉकडाउन के दौरान भी भारतीय रेल की मालगाड़ियां आवश्यक वस्तुओं की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चल रही हैं ताकि देश के किसी भी हिस्से के सामने कोई कठिनाई न आए। गेहूं, दाल, फल, सब्जियों जैसी फसलों की लोडिंग में अधिक रैकों के कारण काफी सुधार हुआ है।

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