इंडिया का अपना Internet, सबसे सस्ती 5G-6G स्पीड, Elon Musk को झटका, Tool-Kit चलाने वालों का धंधा बंद

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Internet Revolution GSAT24

'भारत सरकार के खिलाफ विदेशों में बैठकर Tool-Kit तैयार करने वालों के धंधे पर ताला लगने वाला है। वहीं इंटरनेट और डीटीएच के आम उपभोक्ता की चांदी होने वाली है। इसी साल के अंत तक 5G और 6G जैसी हाईस्पीड इंटरनेट सर्विसेज शुरू होने वाली हैं। क्यों कि इसरो और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड ने कम्युनिकेशन सैटेलाइट के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठा लिए हैं। इसके लिए TATA और Airtel की One Wave जैसी कंपनियों के साथ एग्रीमेंट हो चुके हैं। TATA को सौ फीसदी लीज के साथ GSAT24 इसी महीने 22 जून को छोड़ा जा रहा है। ISRO-NSIL से चीन तो बौखला ही गया है, वहीं एलन मस्क के Star Link प्रोग्राम को बड़ा धक्का लगा है।'

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी अब दुनिया के इंटरनेट किंग एलन मस्क को बड़ा झटका देने जा रही है। इस झटके से केवल एलन मस्क ही नहीं उनका स्पेस एक्स और स्टार लिंक प्रोग्राम हिल जाएगा बल्कि अमेरिका और चीन भी सदमा खा जाएगा। यह तारीख बहुत नजदीक आ पहुंची है। जी हां, यह तारीख है 22 जून 2022। इसी दिन इसरो (ISRO यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन) 22 जून को जी सेट 24 (GSAT24) सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़ने जा रहा है।  

भारत का संचार उपग्रह जीसैट-24इसी महीने की 22तारीख को फ्रेंच गुयाना के कौरू स्थित एरियन प्रक्षेपण केन्द्र से प्रक्षेपित किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यह जानकारी दी। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) अंतरिक्ष सुधारों के बाद अपने पहले मांग संचालित मिशन के रूप में जीसैट-24उपग्रह मिशन पर काम कर रहा है। एनएसआईएल अंतरिक्ष विभाग के तहत भारत सरकार की कंपनी है। इसरो ने एक बयान में कहा कि जीसैट-24एक 24-केयू बैंड संचार उपग्रह है जिसका वजन 4180किलोग्राम है।

न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड, भारत की दूसरंचार और डीटीएच सेवाओं में क्रांति लाने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में यह पहला सैटेलाइट की सौ फीसदी क्षमताओं का उपयोग टाटा करेगा। इसके बाद अन्य दूरसंचार और डीटीएच ऑपरेटरों की जरूरत के अनुसार और भी ऐसे ही सैटेलाइट छोड़े जा सकते हैं। फिल्हाल जीसैट24 के सक्रिए होते ही टाटा डीटीएच की सेवाएं और टाटा दूरसंचार की सेवाएं भारत में पहले से ज्यादा सस्ती सुलभ हो जाएंगी।

इसके अलावा, टाटा के बाद न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट करने वाली कंपनी का नाम एयरटेल है। एयरटेल की कंपनी ‘वन वेव’ ने भारत और आस-पास के देशों में बेहतर इंटरनेट सेवाएं देने के लिए अपना सैटेलाइट प्रक्षेपित करने की योजना को अंतिम स्वरूप दे दिया है। एयरटेल के इस सैटेलाइट के बाद एलन मस्क के स्टार लिंक प्रोग्राम को भारत से बड़ी चुनौती मिलेगी। एलन मस्क का घमण्ड टूटेगा और भारत में 5जी और 6जी की सुविधाएं मिलेंगी। भारत का अपना इंटरनेट होगा। वो भी इस समय के इंटरनेट से कई गुना तेज गति का इंटरनेट। न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड इन सैटेलाइट्स को इसी साल से अंतरिक्ष में छोड़ना शुरू कर देगी। जैसे-जैसे ये उपग्रह अंतरिक्ष में जाएंगे वैसे-वैसे भारत की इंटरनेट सेवाएँ आजाद होती जाएंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो विदेशों में बैठकर सर्वर चलाने वाले अब भारत में आकर अपनी दुकानें सजाएंगे।

इसका एक फायदा साइबर क्राइम, वीपीएन के जरिए भारत विरोधी सोशल मीडिया एकाउंट्स पर कार्रवाई को भी मदद मिलेगी। भारत के खिलाफ विदेशों में बैठकर चलाए जा रहे एजेंडे और टूल किट आसानी से तैयार नहीं किए जा सकेंगे। किसान आंदोलन और दिल्ली दंगों जैसे टूल किट अब प्रायः नाकाम और बेअसर हो जाएंगे। ये सब इसी साल से शुरू हो जाएगा।