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Made in India हथियारों की भारी मांग, इस देश ने कहा- सिर्फ इंडियन बैलिस्टिक मिसाइल पर भरोसा

Egypt Wants Indian Pralay Missile

Egypt Wants Indian Pralay Missile: दुनिया में भारत के हथियारों की डिमांड बढ़ती जा रही है। भारतीय फाइटर जेट (Indian Fighter Jets) से लेकर, टैंक, तोप, मिसाइलों की डिमांड दुनिया में बढ़ गई है। कई देश हैं जो भारतीय हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई सौदा करना चाहते हैं। वियतनाम, फिलीपींस से लेकर आर्मीनिया (Indian Weapons) तक भारत के हथियारों के दीवाने हैं। अब मिस्र ने भारत (Egypt Wants Indian Pralay Missile) की स्वदेशी सतह से सतह मार करने वाली कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय (Egypt Wants Indian Pralay Missile) को खरदीने में रूचि दिखाई है। इसे लेकर मिस्र के सैन्य उत्पादन मंत्रालय ने भारत के रक्षा अनुसंधान औऱ विकास संगठन (DRDO) के साथ बातचीत करने की सूचना है। मिस्र ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के तहत इस मिसाइल को खरीदना चाहता है। मिस्र भारत के हथियारों का दिवाना हो गया है। इससे पहले मिस्र का हल्के लड़ाकू विमान तेजस (Tejas Fighter Jet) पर दिल आया था। मिस्र करीब 70 तेज फाइटर जेट भारत (India Egypt Military Relations) से खरीदना चाहता है।

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भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय की डिमांड
प्रलय मिसाइल भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम के तहत विकसित किए जा रहे एक्सोएटमॉस्फेरिक इंटरसेप्टर मिसाइल पृथ्वी डिफेंस व्हीकल और प्रहार टेक्टिकल मिसाइल के लिए विकसित टेक्नोलॉजी का मिला जुला रूप है। खाड़ी देशों की प्रसिद्ध डिफेंस वेबसाइट टेक्टिकल रिपोर्ट ने दावा किया है कि मिस्र के सैन्य उत्पादन मंत्रालय ने DRDO से इस मिसाइल के निर्माण को लेकर बातचीत की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मिस्र ने प्रलय मिसाइल के टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की मांग भी की है। वह इस मिसाइल का घरेलू उत्पादन करने की अनुमति भी मांग रहा है। हालांकि, भारत की तरफ से इस डील को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हो सकी है।

रक्षा क्षेत्रों में हो सकते हैं दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते
बदा दें कि, 2022 में भारत और मिस्र के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी थी। इस समझौते पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मिस्र के समकक्ष जनरल मोहम्मद जकी ने साइन किया था। जिसके बाद दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को लेकर काफी मजबूती देखने को मिली। इसके साथ ही इस बार गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि मिस्र के ही राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी को बनाया गया है। माना जा रहा है कि, उनकी भारत यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्रों में कई और अहम समझौते हो सकते हैं।

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कितनी ताकतवर है प्रलय

  • प्रलय मिसाइल की ऑपरेशन रेंज 150 से 500 किलोमीटर है।
  • प्रलय को विकसित करने की परियोजना को मार्च 2015 में 332.88 करोड़ के बजट के साथ स्वीकृत किया गया था।
  • इसे डीआरडीओ के रिसर्च सेंटर इमारत ने डिजाइन किया है।
  • प्रयल मिसाइल का वजन 5 टन होती है।
  • इसमें वॉरहेड के तौर पर 370 से 700 किलोग्राम का हाई एक्सप्लोसिव मटेरियल भरा होता है।
  • इस मिसाइल को ताकत देने के लिए दो स्टेज का रॉकेट मोटर और तीसरे स्टेज के तौर पर मैनुवरेबल रीएंट्री व्हीकल का इस्तेमाल किया गया है।
  • यह मिसाइल टर्मिनल फेज में मैक 1 से मैक 1.6 की रफ्तार पकड़ सकती है।