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Indian Navy के इस खतरनाक हथियार से चीन-पाक में खलबली- पंगा लिया तो मचेगी तबाही!

Indian Nuclear Submarine INS Arihant

Indian Nuclear Submarine INS Arihant: दुनिया में आज भारत की छवि बिल्कुल अलग हो गई है। चाए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन हो या फिर ब्रिटेन, फ्रांस, जापान हर कोई पीएम मोदी के साथ रिश्ते मजबूत करने पर लगा हुआ है। दो मुल्क जो भारत से हमेशा ही चिढ़ते हैं उनसे हमारी तरक्की देखी नहीं जाती है। एक पाकिस्तान है जो हमी से अलग होकर हमारे ही खिलाफ जहर उगलता है तो दूसरा उसका सदाबहार दोस्त चीन है। चीन और पाकिस्तान (China and Pakistan) हमेशा से भारत के खिलाफ एकसाथ रहते हैं। लेकिन, अब भारत के एक खतरनाक हथियार ने इन दोनों मुल्कों में खलबली मचा दी है। दरअसल, पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने आईएनएस अरिहंत से बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) को टेस्‍ट (Indian Nuclear Submarine INS Arihant) किया जिसके बाद, चीन और पाकिस्‍तान तक में हलचल तेज हो गई है। आईएनएस अरिहंत एक परमाणु क्षमता वाली पनडुब्‍बी (Indian Nuclear Submarine INS Arihant) है और जिस मिसाइल को टेस्‍ट किया गया है, वह भी एक परमाणु मिसाइल है। इस टेस्‍ट के साथ ही भारत उस एलीट क्‍लब का हिस्‍सा बन गया है जो किसी भी परमाणु हमले को जवाब देने में सक्षम है। यही वजह है कि पाकिस्तान और चीन में खलबली मची हुई है।

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पाकिस्‍तान और चीन दोनों के लिए झटका
आईएनएस अरिहंत को नौसेना में साल 2016 में शामिल किया गया था। भारत ने साल 2020 में के-4 SLBM का टेस्‍ट किया था जिसकी रेंज 3500 किलोमीटर है। भारत का यह टेस्‍ट ऐसे समय में हुआ है जब पारंपरिक दुश्‍मन पाकिस्‍तान और चीन भी परमाणु लॉन्‍च प्‍लेटफॉर्म और हथियारों को डेवलप करने में लगे हैं। पाकिस्‍तान के रक्षा विशेषज्ञ सूफिया उल्‍ला की मानें तो उनके देश के पास वर्तमान समय में बाबर-3 है जो कि SLBM है जो समंदर के अंदर पाकिस्‍तान की परमाणु क्षमता को बढ़ाने में सक्षम है। उन्‍होंने बताया कि इसकी रेंज 450 किलोमीटर है। ऐसे में पाकिस्तान इस वक्त भारत से काफी पीछे है।

पाकिस्तान ने ये पंडुबियां बनाई है भारत से सामना करने के लिए
पाकिस्तान का कहना है कि, उसकी नौसेना के पास पांच अगोस्ता क्लास पारंपरिक पनडुब्बियां हैं। जिसके चलते पाकिस्तान का कहना है कि, उसके पास भारत की ओर से आने वाले किसी भी खतरे का सामना करने की क्षमता है। साल 2019 की बात है जब जर्नल फॉर पीस एंड न्‍यूक्लियर डिसआरमामेंट में एक रिपोर्ट में बताया गया कि, पाकिस्तान ने साल 2012 में नौसेना रणनीतिक बल कमान तैयार किया था। इसे समंदर में परमाणु हथियार तैनात करने के मकसद से बनाया गया था। भारत की ही तरह पाकिस्तान भी लंबी दूरी की SLBM डेवलप करना चाहता है लेकिन उसके पास सीमित संसाधन हैं जिसके चलते वो आगे बढ़ पाने में काफी मुश्किलों का सामना कर रहा है।

चीन की शरण में पाकिस्तान
अब पाकिस्तान अपने सदाबहार दोस्त चीन की शरण में है, वो चीन से अनुरोध कर रहा है कि, उसे साल 1980 की पुरानी हो चुकी टाइप 092 पनडुब्बी किराये पर दी जाए। साथ ही उसने अपने नौसेनिकों के लिए ट्रेनिंग के लिए भी कहा है। इंडिया ने वर्ष 2019 में रूस से अकुला II क्‍लास की परमाणु शक्ति वाली पनडुब्‍बी को लीज पर लिया था। भारत का मकसद एडवांस्‍ड और परिष्‍कृत पनडुब्‍बी को ऑपरेट करना सीखना था। बस इसी के बाद पाकिस्तान भागते हुए चीन की शरण में पहुंच गया। एक रिपोर्ट की माने तो पाकिस्‍तान ने शायद पनडुब्‍बी परमाणु रिएक्‍टर के निर्माण का काम भी शुरू कर दिया है। साल 2001 से पाकिस्‍तान एटॉमिक एनर्जी कमीशन (PAEC) के साथ मिलकर नौसेना इस पर काम कर रही है।

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भारत से कभी नहीं टकरायेगा चीन
अब चीन की बात करें तो ड्रैगन भारत के परमाणु हथियारों से ज्यादा चिंतित नहीं है। भारत के पास आज ऐसे शक्तिशाली परमाणु हथियार हैं जो चीन को निशाना बना सकते हैं। चीन को भी पता है भारत से पंगा लेना उसके लिए कितना खतरनाक है। चीन का असली प्रतिद्वंदी अमेरिका है। चीन लगातार अमेरिका को पीछे करने के लिए आधुनिक हथियारों से लेकर सुपर सोनिक मिसाइलें तैयार कर रहा है। उसका मुकाबला भारत ने नहीं बल्कि अमेरिका से है। ऐसे में चीन के विशेषज्ञों का भी मानना है कि भले ही भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर विवाद जारी हो लेकिन परमाणु क्षमता का प्रयोग वाली नौबत कभी नहीं आएगी। वो अमेरिका पास मौजूदा परमाणु हथियारों के जखीरे में इजाफा इसलिए कर रहा ताकि वो अमेरिका को हरा सके।