पाकिस्तान (Pakistan) के तो वह हालात हो गए हैं जिसके चलते उसके दोस्त देश तक उससे किनारा करने पर मजबूर हो गए हैं। अब भारत में G20 आयोजित होने जा रह है इस दौरान सभी देशो के राष्ट्राध्यक्ष, शासनाध्यक्ष और अन्य प्रतिनिधि शामिल होने भारत आ रहे हैं। जिस में एक उसका ही दोस्त देश सऊदी अरब भी है , परंतु सऊदी अरब भी पाकिस्तान से दूरी बनाने में लगा हुआ है। भारत आ रहे सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की इस्लामाबाद यात्रा रद होने से पाकिस्तान की केयर टेकर सरकार टेंशन में आ गई है। सऊदी प्रिंस के इस झटके के बाद अब पाकिस्तानी सेना और केयर टेकर सरकार दोनों ही मिलकर सऊदी प्रिंस को मनाने में जुट गए हैं। पाकिस्तान अब जीतोड़ कोशिश कर रहा है कि भारत जाते समय सऊदी प्रिंस कुछ घंटे के लिए ही सही इस्लामाबाद की यात्रा पर आएं ताकि पाकिस्तानी जनता के सामने उन्हें मुंह न छिपाना पड़े। पाकिस्तान और सऊदी अरब दोनों ही इस्लामिक देश हैं और इस्लामाबाद की सरकार रियाद के कर्ज के नीचे दबी हुई है।
पाकिस्तान (Pakistan) कुछ साल पहले तक सऊदी अरब के जरिए भारत के खिलाफ ओआईसी में कश्मीर को लेकर दुष्प्रचार करता रहता था। अब पाकिस्तान की यह चाल सऊदी अरब को समझ आ गई है और वह भारत के साथ दोस्ती को मजबूत कर रहा है। यही वजह है कि सऊदी प्रिंस के दौरे को भारत ने राजकीय यात्रा का दर्जा दिया है। अब पाकिस्तान की सरकार ने किसी तरह से सऊदी प्रिंस को इस्लामाबाद बुलाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। हालांकि सऊदी प्रिंस की यात्रा को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने चुप्पी साध रखी है।
वहीं पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सऊदी प्रिंस की इस्लामाबाद यात्रा की संभावना को खारिज नहीं किया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने पाकिस्तानी पीएम ऑफिस के सूत्र के हवाले से कहा, ‘अभी कुछ भी आधिकारिक नहीं है लेकिन ऐसे संकेत हैं कि सऊदी प्रिंस अपनी भारत यात्रा के दौरान पाकिस्तान में भी कुछ समय के लिए रुक सकते हैं।’ सऊदी अरब की तरफ से अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा कि अगर यह यात्रा होती भी है तो मात्र कुछ घंटे के लिए ही होगी।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान (Pakistan) सरकार इसलिए सऊदी प्रिंस को बुलाने के लिए गिड़गिड़ा रही है क्योंकि उसे डर है कि अगर मोहम्मद बिन सलमान भारत जाते हैं और पाकिस्तान नहीं आते हैं तो इससे पाकिस्तानी जनता में केयर टेकर सरकार की भारी बेइज्जती हो जाएगी। दुनिया की बडी शक्तियों ने भारत और पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते को अलग-अलग करके देखना शुरू कर दिया है लेकिन पश्चिम एशिया के मुस्लिम देश अभी भी भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में कुछ हद तक संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं।
इससे पहले साल 2019 में सऊदी प्रिंस ने भारत यात्रा के दौरान पाकिस्तान की भी यात्रा की थी। सऊदी प्रिंस अगर इस बार पाकिस्तान से किनारा करते हैं तो यह भारत के लिए एक जीत के तौर पर देखा जाएगा। यही वजह है कि पाकिस्तान की सरकार टेंशन में है। वह भी तब जब पाकिस्तान का दावा है कि सऊदी अरब 25 अरब डॉलर का भारी भरकम निवेश पाकिस्तान के अंदर करने जा रहा है। अगर सऊदी प्रिंस इस्लामाबाद आते हैं तो पाकिस्तान की सरकार उनसे डॉलर की भीख मांग सकती है।
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