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दिल्ली की फिजाओं में ‘चाईनीज मांझे का आतंक’, सरकार की नींद उड़ी, हैदरपुर फ्लाईओवर पर गला कटने से बेकसूर की मौत

चाईनीज मांझे का आतंक

दिल्ली की सड़कों पर एक बार ‘चीनी हमले’का खौफ पसर गया है। चीन का यह हमला सीधे तौर पर नहीं पतंगी मांझे के तौर पर फैल रहा है। दिल्ली में चीनी मांझे पर काफी दिन पहले ही रोक लगा दी गई है, लेकिन फिर कैसे चीनी मांझा दिल्ली में आ रहा है और कैसे लोग उसका इस्तेमाल कर रहे हैं, यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है। दरअसल, चीनी मांझे से पतंग उड़ाने वालों की पहचान भी करना बहुत मुश्किल है और इस मांझे से बेजुबान पंछी तो शिकार हो ही रहे थे, इसका शिकार बेकसूर लोगों भी हो रहे हैं।

 ताजा उदाहरण दिल्ली के हैदरपुर फ्लाई ओवर एक बाइक सवार युवक सुमित रंगा के गले में चीनी मांझा उलझने से मौत हो गई। जिस समय वो खूनी चीनी मांझे का शिकार बने उस समय वो अपनी बुलट मोटर साइकिल से रोहिणी स्थित अपने घर जा रहे थे। चीनी मांझे की चपेट में आकर अपनी बुलट बाइक को रोक पाते तब तक उनकी गर्दन पर गहरा घाव हो चुका था।

खूनी चीनी मांझे का शिकार बने सुमित रंगा ने अपने पिता को मोबाइल से जानकारी दे दी थी कि उनके गले पर चीनी मांझे का हमला हो चुका है। लेकिन जब तक घर वाले वहां तक पहुंचते तब तक सुमित के शरीर से काफी खून बह चुका था। इसी बीच किसी राहगीर ने पुलिस को भी सुमित के साथ हुए इस हादसे की सूचना दे दी थी। सुमित को अस्पताल ले जाया गया लेकिन ज्यादा खून बह जाने की वजह से उसकी मौत हो गई। बेकसूर सुमित खूनी चीनी मांझे का शिकार हो गया।  

सुमित अपने घऱ का इकलौता बेटा था। पुलिस ने सुमित के गले में फंसे चीनी मांझे के टुकड़े को बरामद कर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। लेकिन सवाल है कि जब चीनी मांझे पर प्रतिदिन है तो फिर दिल्ली में यह चीनी मांझा आया कहां से? इस हादस के बाद पुलिस ने दिल्ली के हैदरपुर इलाके के आस-पास पतंग और माझा बेचने वालों की दुकानों की तलाशी ली है। इसके अलावा चांदनी चौक और सदर इलाके में थोक पतंग और मांझा विक्रेताओं से भी पूछताछ की है।

ध्यान रहे, रक्षाबंधन के दिन दिल्ली और आस-पास के इलाकों में बड़ी संख्या में पतंग उडाई जाती है। इसलिए हैदरपुर फ्लाई ओवर पर हुए इस हादसे ने दिल्ली पुलिस की नींद उड़ा दी है।  17 अगस्त 2019 को पश्चिम विहार के फ्लाई ओवर पर भी इसी तरह मानव शर्मा नामके युवक की भी मौत हो गई थी। चाईनीज मांझे का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने भी चाईनीज मांझे पर रोक लगा रखी है। उसके बावजूद दिल्ली और आस-पास के इलाकों में चाईनीज मांझा बिक रहा है और लोग उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।