Delhi Lockdown: प्राइवेट दफ्तर वाले सभी कर्मचारियों को करना होगा WHF, उल्लंघन करने पर इस धारा के तहत मिलेगी सजा

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कोरोना और नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे है। वहीं राजधानी दिल्ली में हालात दिन ब दिन बेकाबू हो रहे है। दिल्ली में कोविड-19की लहर को देखते हुए दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। डीडीएमए ने बैठक में राजधानी में नए प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है। जिसके तहत निजी दफ्तरों को पूरी तरह से बंद किया जाएगा। अबतक के प्रतिबंधों के हिसाब से निजी दफ्तरों में 50फीसदी क्षमता के साथ काम हो रहा था, लेकिन अब सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया है।

डीडीएमए ने पहले ही दिल्ली में बार और रेस्टॉरेंट को बंद करने का आदेश जारी किया है। हालांकि, इसमें बस डाइनिंग पर ही रोक है। टेकअवे सुविधा जारी रहेगी यानी खाना पैक कराके ले जा सकेंगे या ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे। चलिए अब आपको बताते है कि कौन से ऐसे निजी दफ्तर है, जिन्हें डीडीएमए ने खोलने की मजूंरी दी है।

प्राइवेट बैंक

ज़रूरी सर्विस देने वाली कंपनियों के दफ्तर

इंश्योरेंस/मेडिक्लेम कंपनी

फार्मा कंपनियों के दफ्तर जिसमें प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन के प्रबंधन की जरूरत हो

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नियमित संस्थाएं या इंटरमीडियरी

सभी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉरपोरेशन

सभी माइक्रोफाइनेंस संस्थान

अगर अदालतें/ ट्रिब्यूनल या कमीशन खुले है तो वकीलों के दफ्तर

कोरियर सर्विस

 

अगर कोई शख्स इन नियमों का उल्लंघन करता है तो वह आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के सेक्शन 51-60 और आईपीसी की धारा 188 का दोषी होगा और इन्हीं धाराओं के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।