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अफगानिस्तान में अब शुरु होगी लड़ाई! काबुल पहुंचे मुल्ला बरादर और हक्कानी में शुरू हुई अंदरूनी जंग

अफगानिस्तान में अब शुरु होगी लड़ाई!

तालिबान ने अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद से अंतरीम सरकार तो बना लगी है लेकिन चला पाना मुश्किल लग रहा है। अपने वादे से मुकरे तालिबान पहले ही अफगानिस्तान की चर्मराई अर्थव्यवस्था का मार खा रहा है अब आंतरिक कलह का भी मार जेल रहा है। दरअसल,  अब्दुलमुल्ला गनी बरादर जो पिछले काफी समय से अफगानिस्तान की राजनीति से गायब था, वह अब वापस लौट आया है और  वैश्विक आतंकवादी सिराजुद्दीन हक्कानी के नेतृत्व वाले आंतरिक मंत्रालय से सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है।

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इंटेलीजेंस रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नए अफगानिस्‍तान का नेता और देश का प्रधानमंत्री बरादर काबुल में देखा गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो बरादर ने अपनी ड्यूटीज भी संभाल ली हैं। लेकिन उसने गृह मंत्रालय की ओर से सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। इस वक्त वैश्विक आतंकवादी और हक्कानी नेटवर्क का मुखिया सिराजुद्दीन हक्कानी अफगानिस्तान का गृह मंत्री है। वहीं, हक्कानी नेटवर्क की ओर से कहा गया है कि बरादर को गृह मंत्रालय से सुरक्षा लेनी चाहिए लेकिन डिप्टी पीएम ने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्री और तालिबान के फाउंडर मुल्ला उमर का बेटा मुल्ला याकूब अभी तक कंधार में ही है। रिपोर्ट में यह भी बताया जा रहा है कि, बरादर के काबुल  लौटने के बाद राजधानी में फिर से टेंशन बढ़ सकती है। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि, आईएसआई समर्थित हक्‍कानी नेटवर्क और तालिबान के बीच आने वाले दिनों में तनाव बढ़ सकता है।

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अब मुल्ला बरादर के बारे में बात करें तो वो तालिबान का सबसे प्रभावी नेता माना जाता है। इसके साथ ही दोहा में अमेरिका के सात शांति वार्ता में मुल्ला बरादर की अहम भूमिका रही है। तालिबन ने मुल्ला बरादर को ही आगे कर शांति वर्ता पर बात की थी। पिछले दिनों अमेरिका की टाइम मैगजीन ने साल 2021 के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में बरादर का नाम भी रखा था। यहां तक कि साल 2020 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी सबसे पहले मुल्ला बरादर ने ही फोन पर बात की थी।