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खाड़ी देशों में भारत ने पलटी बाजी, सऊदी, UAE, अब मिस्र से मजबूत रिश्ता- चकरा गया ड्रैगन-पाक

India New Coalition With Sunni Muslim

India New Coalition With Sunni Muslim: दुनिया के लिए भारत काफी मायने रखता है। आज दुनिया के कई बड़े देशों की अर्थव्यवस्था इंडिया के ऊपर टिकी हुई है। आबादी के मामले में अब तो भारत दुनिया में पहले नंबर पर है। जितनी आबादी उतनी बड़ी मार्केट। ऐसे में दुनिया के कई देश ऐसे हैं जिनती कंपनियां भारत पर निर्भर होती हैं। कई देसों की आर्थव्यवस्था भारतीय मार्केट पर टिकी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह देश को विश्व लेवल पर उठाया है इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। इसी दिशा में उन्होंने एक चाल चली अरब देशों में। जहां आज भारत की खाड़ी देशों के साथ रिश्ते मजबूत हो रहे है। खाड़ी देशों से मजबूत होते रिश्तों से पाकिस्तान और चीन को बड़ा झटका है। आज यूएई से लेकर सऊदी अरब (India New Coalition With Sunni Muslim) तक भारत के साथ गहरी दोस्ती जताते हैं। अब तो मिस्र भी भारत के साथ मजबूत रिश्ता कर लिया है। दरअसल, भारत के 74वें गणतंत्र दिवस पर ‘गुटनिरपेक्ष देश’ मिस्र के राष्‍ट्रपति अब्‍देल फतेह अल सीसी मुख्‍य अतिथि हैं। राष्‍ट्रपति सीसी कर्तव्‍यपथ पर भारत की महाविनाशक ताकत और संस्‍कृति से रू-ब-रू हुए। कोरोना महासंकट के बाद मिस्र बदहाल है और उसे मुस्लिम देश भी कर्ज देने से आनाकानी कर रहे हैं। यही नहीं मिस्र इस समय विद्रोहियों के बड़े खतरे का भी सामना कर रहा है। इस बुरे वक्‍त में अब भारत ने मिस्र का हाथ थामा है। मोदी सरकार ने मिस्र के साथ रक्षा समेत कई समझौतों पर हस्‍ताक्षर किया है। विश्‍लेषकों का मानना है कि राष्‍ट्रपति सीसी के नेतृत्‍व में मिस्र एक उदार सुन्‍नी मुस्लिम देश बन गया है। यही वजह है कि भारत ने पंडित नेहरू के समय से दोस्‍त रहे मिस्र की ओर एक बार फिर से दोस्‍ती का हाथ बढ़ाया है। भारत सऊदी अरब, यूएई, जॉर्डन और अब मिस्र (India New Coalition With Sunni Muslim) के साथ रिश्‍ते मजबूत करके खाड़ी के मुस्लिम देशों में पकड़ को मजबूत कर रहा है।

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सुन्नी मुस्लिम देशों के साथ भारत का रिश्ता मजबूत
इंडियन एक्सप्रेस में लिखे एक लेख में बताया गया है कि, भारत खाड़ी देसों में उदार सुन्नी देशों का एक नया गठबंधन बना रहा है। ये कोई और नहीं बल्कि, अंतरराष्‍ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ सी राजा मोहन हैं। उन्होंने बताया की, इसमें जॉर्डन, सऊदी अरब और यूएई शामिल है। ये तीनों ही खाड़ी के सबसे ताकतवर देशों में शामिल हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत ने द्विपक्षीय रिश्‍तों से इतर मिस्र को भी इस गठबंधन में शामिल कर लिया है। भारत का मानना है कि इससे खाड़ी देशों और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता को बढ़ावा दे सकता है। दरअसल, पाकिस्‍तान, तुर्की, तालिबान समेत कई मुस्लिम देश दुनियाभर में धार्मिक कट्टरवाद को भड़का रहे हैं।

पाकिस्तान को काउंटर करना आसान
इंडिया की कोशिश है उदार सुन्नी मुस्लिम देशों के साथ रिश्ते मजबूत करके इस पाकिस्तानी चाल को नाकाम करना। पाकिस्तान अबतक कश्मीर के नाम पर आतंक फैला रहा था लेकिन, अब भारत के अन्य हिस्सों में धार्मिक हिंसा और कट्टरता को फैलाने की कोशिश कर रहा है। आए दिन आतंकिस्तान भारत में हमले की फिराक में होता है। साथ ही इस्लामिक देशों के संगठन OIC के जरिए भी वो भारत के खिलाफ जहरीले बयान दिवलाता है। इसी के चलते सुन्नी मुस्लिम देशों के साथ भारत ने अपने रिश्ते को मजबूत कर लिया है।

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पाकिस्तान को UAE का झटका, कश्मीर में करेगा निवेश
भारत की ये मेहनत रंग भी ला रही है, इसकी नतीजा तब देखने को मिला जब पिछले दिनों कश्मीर पर UAE ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए निवेश करने का ऐलान किया था। मिस्र के साथ दोस्ती मजबूत कर भारत अब खाड़ी के सभी देशों केल साथ रिश्ते बेहतर कर चुका है। भारत जहां सबसे ज्यादा तेल खाड़ी देशों से मंगाता है तो वहीं, अरबों डॉलर का निर्यात इन देशों को भारत से होता है। साथ ही लाखों की तादाद में भारतीय कामगार यूएई, कतर, सऊदी अरब, ओमान जैसे देशों में काम करते हैं। इसी को देखते हुए मोदी सरकार ने यूएई और सऊदी अरब के साथ राजनीतिक और सुरक्षा समझौता भी किया है।