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America के आगे पाकिस्तान ने घुटने टेके! इस देश के साथ खत्म करेगा गैस डील, देगा भारी जुर्माना

पाकिस्‍तान ने ईरान के साथ गैस खरीदने से किया तौबा

ईरान (Iran) के कई बार चेतावनी के बाद आखिरकार पाकिस्‍तान की शहबाज सरकार ने गैस डील पर तेहरान को संदेश भेज दिया है। पाकिस्तान अब ईरान के साथ कई अरब डॉलर के गैस पाइपलाइन प्रॉजेक्‍ट को निलंबित करना चाहता है। पाकिस्तान का कहना है कि उसे बाहरी कारकों की वजह से ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जो उसके नियंत्रण में नहीं है। दरअसल, ईरान के खिलाफ अमेरिका ने बहुत कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं और यही वजह है कि वह इस गैस डील को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। पाकिस्‍तान के गैस डील को सस्‍पेंड करने से अब उसे 18 अरब डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना देना पड़ सकता है।

पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्‍तान ने ईरान को साफ कह दिया है कि जब अमेरिका के प्रतिबंध ईरान  (Iran) के खिलाफ लगे हुए हैं, वह इस प्रॉजेक्‍ट को आगे नहीं बढ़ा पाएगा। पाकिस्‍तान ने कहा कि अगर अमेरिका उसे इस प्रॉजेक्‍ट के साथ आगे बढ़ने की स्‍वीकृति देता है तो वह इस गैस डील को आगे बढ़ा सकता है जो एक दशक से ठंडे बस्‍ते में पड़ी हुई है। पाकिस्‍तान की 24 करोड़ की जनता ऊर्जा के भीषण संकट का सामना कर रही है लेकिन वह अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान के साथ चाहकर भी यह गैस डील नहीं कर पा रहा है।

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Pak पर मंडराया भारी जुर्माने का खतरा

पाकिस्‍तान के पेट्रोलियम राज्‍य मंत्री मुसादिक मलिक ने संसद में दिए अपने बयान में कहा है कि पाकिस्‍तान ने ईरान को इस गैस डील को सस्‍पेंड करने के लिए बता दिया है। पाकिस्‍तानी मंत्री ने एक सांसद के सवाल के जवाब में यह बयान दिया था। मंत्री मलिक ने अपनी मजबूरी गिनाते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ लगे अंतरराष्‍ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से ईरान-पाकिस्‍तान गैस पाइपलाइन प्रॉजेक्‍ट ठप पड़ गया है। पाकिस्‍तान के इस फैसले के बाद अब उस पर 18 अरब डॉलर के जुर्माने का खतरा मंडराने लगा है। वह भी तब जब खुद पाकिस्‍तान डिफॉल्‍ट होने की कगार पर है और इस साल उसे अरबों डॉलर का व‍िदेशी कर्ज लौटाना है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री ने पिछले सप्‍ताह पाकिस्‍तान की यात्रा की थी और इस गैस परियोजना को पूरा करने पर जोर दिया था। उन्‍होंने कहा था कि यह परियोजना ईरान और पाकिस्‍तान दोनों के ही राष्‍ट्रीय हित में है।