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SU 35 Vs F-16: कौन है ज़्यादा शक्तिशाली? दोनी की भिड़ंत में जीतेगा कौन? पायलट ने किया खुलासा

SU 35 Vs F-16: रूस यूक्रेन युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध के चलते अब यूक्रेन के पास हथियारों का ज़खीरा खत्म हो गया है। जिससे नाटो देश भी टेंशन में आ गए हैं। वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन पर आक्रमण को लेकर रूस चौतरफा संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में देश को नाटो के खतरे से बचाने के लिए रूस ने पश्चिम के हर एक हथियार के खिलाफ एक खास रणनीति तैयार की है। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका समर्थित नाटो देश जल्द ही यूक्रेन को एफ-16 विमान सौंप सकते हैं।

यूक्रेन इन लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल रूस के खिलाफ करेगा। ऐसे में रूस ने भई अपने मिग 35 विमान को अमेरिकी एफ-16 का सामना करने के लिए तैनात कर दिया है। इस बीच रूस के एक सम्मानित सैन्य पायलट मेजर-जनरल व्लादिमीर पोपोव ने बताया है कि अगर भविष्य में रूसी मिग 35 और अमेरिकी एफ 16 (SU 35 Vs F-16) में भिड़ंत होती है तो किसकी जीत होगी।

मेजर-जनरल व्लादिमीर पोपोव ने कहा कि रूस को 4+ और 4++ पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के उन्नयन पर और अधिक काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रूस जिन दृष्टिकोणों का इस्तेमाल कर रहा है, वो बताते हैं कि हमने लड़ाकू विमानन के विकास और सुधार के लिए सही रणनीति चुनी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुखोई परिवार से संबंधित इन रूसी लड़ाकू विमानों ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने दावा किया कि विशेषताओं के मामले में इनकी तुलना अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान एफ-22 रैप्टर से भी की जा सकती है। .

मिग-35 को बताया अद्वितीय लड़ाकू विमान

पोपोव ने मिग-35 लड़ाकू विमान का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक अद्वितीय हल्का लड़ाकू विमान है। उन्होंने दावा किया कि जब गतिशीलता, युद्ध क्षमता और सर्वाइव करने की क्षमता का जिक्र किया जाता है तो मिग-35 अमेरिका के एफ-16 मल्टीरोल लड़ाकू विमान के साथ तुलनीय है। उन्होंने काल्पनिक डॉगफाइट के सवाल पर कहा कि मिग-35 संभवत एफ-16 पर हावी रहेगा, क्योंकि एफ-16 एक सिंगल इंजन वाला विमान है। इसका अर्थ यह है कि अगर इसका इंजन क्षतिग्रस्त हो जाता है तो विमान शायद ही बच पाएगा।

दोनी की भिड़ंत में जीतेगा कौन?

पोपोव ने अपने पिछले युद्ध अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हर मौसम में काम करने वाले Su-24 सामरिक बमवर्षक को उड़ाया था। पोपोव ने बताया कि उन्होंने अपने विमान को दो इंजनों में से एक के क्षतिग्रस्त होने पर भी सफलतापूर्वक उतारा था। विमान के ठीक होने के बाद, यह फिर से युद्ध में शामिल होने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन अगर विमान क्रैश हो जाए तो ऐसा नहीं हो सकता। इससे देश का बहुमूल्य पैसा और संसाधन दोनों बचते हैं।

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