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अपना असली रूप दिखा रहा Taliban, कहा- एक भी महिलाएं अगर बिना Burqa पहने घर से निकली तो बीच सड़क पर…

Taliban पर भरोसा करना मुश्किल

सत्ता में आने से पहले तालिबान ने वादा किया था कि वो अफगानिस्तान में लोगों की भलाई के लिए काम करेगा। महिलाओं को उनके अधिकार से दूर नहीं करेगा। जिस भी क्षेत्र में महिलाओं की जरूरत होगी हर जगह उन्हें इजाजत दी जाएगी। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। ये सब के बजाय महिलाओं पर तालिबान अपनी क्रूरता दिखा रहा है। यहां तक महिलाओं को तो बाथरूम में भी नहाते वक्त बुर्का पहन कर नहाने का नियम लगाया गया है। कुछ दिनों पहले तालिबान ने महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से इनकार कर दिया था। अफगानिस्तान में तालिबान को सत्ता संभाले अभी साल भीर भी नहीं हुआ लेकिन, वो अब अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है।

तालिबान ने शनिवार को नए फरमान के साथ ही अपने इरादे साफ कर दिए कि वह सुधरने वाला नहीं है, तालिबान के सर्वोच्च नेता ने महिलाओं को सार्वजनिक रूप से बुर्का पहनने का आदेश सुनाया है। सत्ता संभालते ही तालिबान ने शुरुआत में अपनी छवि बदलने का बहाना किया। दुनिया को दिखाना चाहा कि वह पहले जैसा तालिबान नहीं है और जनता के साथ ज्यादत्ती नहीं करेगा। जिनमें लोगों को जिंदगी अपने तरीके से जीने की आजादी होगी। लेकिन धीरे-धीरे तालिबान समय के साथ-साथ अपना असली रंग दिखाने लग गया। इन एक सालों में तालिबान ने कई ऐसे आदेशों जारी किया है जो उसके पहले वाले क्रूरता को दर्शाता है।

नौकरी करने वाले पुरुषों के लिए सिर पर टोपी, दाढ़ी और टखने से ऊपर पेंट पहनना अनिवार्य किया जा चुका है। नए फरमान के तहत तालिबान के सुप्रीम लीडर ने आदेश दिया है कि महिलाओं के लिए सार्वजनिक तौर पर बुर्का पहनना जरूरी होगा। इससे पहले स्कूलों में पुरुषों और महिला विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग कक्षाएं पहले ही शामिल हैं। तालिबान की सोच है कि स्कूल में महिला और पुरुष छात्र एक-दूसरे को न देख सके, क्योंकि इससे पढ़ाई में व्यधान होता है।