Hindi News

indianarrative

यह देश कर रहा मर्दों के साथ-साथ महिलाओं का भी खतना? कटा 83 फीसदी औरतों का प्राइवेट पार्ट

female genital mutilation

Female Genital Mutilation: महिलाओं का खतना एक बहुत ही गंभीर विषय है जिसे लेकर आए दिन चर्चा होती रहती है। वो महिलाएं जो इससे होकर गुजरी हैं उन्हें इसका दर्द जिंदगी भर झेलना पड़ता है। ये प्रथा क्रूर ही नहीं आसामाजिक भी है, लेकिन गम की बात ये है कि इस प्रथा के विरोध में ज्यादातर आवाज नहीं उठती हैं। इसके पहले भी हम फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन पर चर्चा कर चुके हैं। दरअसल, सिएरा लियोन अफ्रीका में मुस्लिम समुदाय की महिलाएं आज भी इस दंश को झेल रही हैं। बहुत बार इसके मामले बिगड़ भी जाते हैं जिस वजह से महिलाओं की मौत हो जाती है। बीबीसी अफ्रीका की एक रिपोर्ट ऐसे मामलों के बारे में जानकारी देती है। रिपोर्ट में एक ऐसे शख्स से बात की गई है जिसे लगता है कि उसकी प्रेमिका की मौत जननांग काटे जाने के बाद हो गई।

खतने के 36 घंटे बाद हो गयी मौत

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक फातमाता तुरे की उम्र 19 साल थी जब उनकी मां ने उन्हें अपने गांव आने के लिए कहा। वह बोंडो समाज की एक सदियों पुरानी परंपरा में शामिल हुईं जहां युवा महिलाओं को वयस्कता के लिए तैयार किया जाता है। सिर्फ 36 घंटे बाद फातमाता की मौत हो गई। 18 अगस्त 2016 को फातमाता के अंतिम संस्कार के बाद से उनके बॉयफ्रेंड पत्रकार टायसन कोंटेह इस कुप्रथा की जांच-पड़ताल में जुट गए। वह अपने कैमरे में इसकी रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। वह कहते हैं, ‘यह फिल्म मेरे लिए बहुत भावुक है। मैं इसका इस्तेमाल बहस पैदा करने के लिए करना चाहता हूं। फातमाता किसी और लड़की या महिला को मरते हुए नहीं देखना चाहती है। उसकी यही इच्छा है।

ये भी पढ़े: EX Muslim Part 2 | इस्लाम छोड़ चुके मुसलमान आज भी अपनी पहचान छुपाते हैं

उन्होंने कहा कि फातमाता ने सपनों में आकर उनसे बात की। वह चाहती है कि मैं उसकी मौत की सच्चाई उजागर करूं और FGM की प्रथा को खत्म करूं।’ FGM में महिला जननांग का कुछ या पूरा हिस्सा काटकर निकाल दिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने 92 देशों में इस प्रथा का दस्तावेजीकरण किया है। यह दर्दनाक कुप्रथा अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्सों में सबसे अधिक प्रचलित है। FGM के कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं हैं।

इतनी फीसद महिलाओं का हुआ खतना

मालूम हो सिएरा लियोन में 15 से 49 साल की 83 फीसदी महिलाओं और लड़कियों का ‘खतना’ या FGM हो चुका है। इस प्रथा का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं की यौन इच्छा को काबू में करना है। ऐसी मान्यता है कि FGM के बाद यह महिलाओं की वर्जिनिटी की रक्षा करता है।