Cooking Oil Price: खाने के तेलों के दाम में भारी कटौती, 10-12 रुपये नहीं बल्कि इतने रुपये हुआ सस्ता

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Cooking Oil Price: खाने के तेलों के दाम में भारी कटौती

इन दिनों दुनियाभर में महंगाई अपने चरम पर है। पाकिस्तान और श्रीलंका का तो हाल ही बुरा है। श्रीलंका की तो अर्थव्यवस्था ही पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है और रही बात पाकिस्तान की तो यहां पर खाने के तेल के दाम 600 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। साथ ही आटा, चावल, दाल के साथ ही हर एक राशन के दामों में भारी वृद्धि हो गई है। पेट्रोल-डीजल के दामों में भी आग लगी हुई है। अब भारत की बात करें महंगाई का असर तो यहां पर भी है लेकिन, उतना नहीं जितना दुनिया में। क्योंकि, केंद्र की मोदी सरकार ने कई तरह से जनता को राहत दे रखा है। पेट्रोल-डीजल के दामों में तो दो बार कटौती कर चूकी हैं। साथ ही अब खाद्य तेलों के दामों में भी 15 रुपये की भारी कटौती कर जनता को बड़ी राहत दी गई है।

खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय दरों में नरमी और सरकार के समय पर हस्तक्षेप के कारण खुदरा बाजार में खाद्य तेल की कीमतें कम आने लगी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत से देश भर में मूंगफली के तेल को छोड़कर, डिब्बाबंद खाद्य तेलों की औसत खुदरा कीमतों में थोड़ी कमी आई है और यह 150 से 190 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है। खाद्य तेल के साथ ही खुदरा गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतें भी स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि, घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए नियम उपयोगी रहे हैं। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रमुख खाद्य तेल ब्रांडों ने एमआरपी को चरणबद्ध तरीके से कम किया है और हाल ही में उन्होंने कीमतों में 10-15 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।

उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, मूंगफली तेल (पैक) की औसत खुदरा कीमत 21 जून को 188.14 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि एक जून को यह 186.43 रुपये प्रति किलोग्राम थी। सरसों के तेल की कीमत एक जून के 183.68 रुपये प्रति किलो से मामूली गिरावट के साथ 21 जून को 180.85 रुपये प्रति किलो रह गई है। वनस्पति की कीमत 165 रुपये प्रति किलो पर अपरिवर्तित है।

वहीं, सोया तेल की कीमत 169.65 रुपये से मामूली घटकर 167.67 रुपये रह गई, जबकि सूरजमुखी की कीमत 193 रुपये प्रति किलो से थोड़ी घटकर 189.99 रुपये रह गई। पाम तेल का भाव एक जून के 156.52 रुपये से घटकर 21 जून को 152.52 रुपये प्रति किलो रह गया। विभाग चावल, गेहूं, आटा, कुछ दाल जैसे 22 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखता है।

इसके साथ ही अडानी विल्मर ने अपने एक लीटर फॉर्च्यून रिफाइंड सूरजमुखी तेल पैक की कीमत 220 रुपये से घटाकर 210 कर दी है। फॉर्च्यून सोयाबीन और फॉर्च्यून कच्ची घानी सरसों का तेल की कीमत 205 रुपये से घटाकर 195 रुपये प्रति लीटर कर दी है। पतंजलि आयुर्वेद ने भी खाद्य तेल की कीमतों में सात से 10 फीसदी की कटौती की है। बता दें कि, देश में खाद्य तेल की कुल खपत का करीब 50 फीसदी आयात होता है। भारत हर साल लगभग 1.4 करोड़ मीट्रिक टन वनस्पति लेतों का आयात करता है। इसमें पाम तेल की हिस्सेदारी लगभग 60 फीसदी है। जबकि आयात में सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल की हिस्सेदारी 40 फीसदी है। आयात शुल्क घटने से कंपियों की लागत कम होती है जिसका फायदा वह उपभोक्ताओं की कीमत घटाकर देती हैं।