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Beer गटकें या फिर लें Wine की चुस्की? ये खबर पढ़कर आप समझ जाएंगे क्या है आपके लिए बेहतर

बीयर बेहतर है या वाइन?

इसमें कोई शक नहीं है कि बीयर शराब का सबसे लोकप्रिय विकल्प है। ज्यादातर लोग तनाव को कम करने और आराम करने के लिए एक लंबे और थका देने वाले दिन के बाद एक ठंडी बीयर की बोतल का आनंद लेते हैं। वहीं अगर स्वाद की बात नहीं हो तो तब भी इस बात को जानने में अनेकों लोगों की दिलचस्पी होगी की शराब और बीयर में क्या अंतर है और इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य पर क्या असर होता है?  तो इसी कड़ी में आज हम कुछ सवालों के जवाब समझने की कोशिश करेंगे। जैसे बीयर पीने से मोटापा बढ़ता है या वाइन पीने से? इन दोनों का हमारा हृदय पर क्या प्रभाव पड़ता है? बीयर पीने से ज्यादा नशा होता है या वाइन से, और हैंगओवर का क्या?

तो आइये समझते हैं क्या कहता हैं गणित

बीयर के एक पाइंट (लगभग 568मिली लीटर) और वाइन के एक मिडियम ग्लास (175मिली लीटर) में अल्कोहल की मात्रा लगभग एकसमान होती है। इन दोनों में 16से 24मिलीलीटर अल्कोहल होता है। वाइन या बीयर का असर तभी आप पर होता है जब अल्कोहल आपके रक्त में शामिल होता है। यह किस रफ्तार से होता है, ये काफी हद तक आपकी ड्रिंक और उसे कितने समय में पिया जा रहा है, उस पर निर्भर करता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के मैक मिचेल ने 15लोगों के समूह को अलग अलग दिनों में अलग अलग ड्रिंक पीने के दी। उन्होंने ये ख्याल रखा कि हर आदमी के बॉडी वेट के मुताबिक ही अल्कोहल दिया जाए। सभी 15लोगों को एक ही रफ्तार से ड्रिंक खत्म करने को कहा गया, करीब 20मिनट में। इस प्रयोग में देखा गया है हार्ड ड्रिंक्स यानी शराब सबसे जल्दी रक्त में शामिल होती है, इसके बाद वाइन और फिर बीयर। वाइन पीने के 54मिनट बाद रक्त में अल्कोहल की मात्रा सबसे ज्यादा होती है और बीयर पीने के 64मिनट बाद अल्कोहल की मात्रा खून में सबसे ज्यादा होती है।

बीयर पीने से ज्यादा हैंगओवर होता है या वाइन से

बीयर पीने से ज्यादा हैंगओवर होता है या वाइन से… काफी कोशिशों के बाद भी शोधकर्ता इसको लेकर सटीक व्याख्या नहीं कर सके हैं। यह किन चीजों पर निर्भर होता है, इसका भी वैज्ञानिक अभी तक पता नहीं लगा पाए हैं। डिहाइड्रेशन एक प्रमुख कारक हो सकता है। अल्कोहल के कारण हम पेशाब ज्यादा करते है, जितना पानी शरीर में जाता है, उससे ज्यादा बाहर निकल जाता है। लेकिन यह फरमेंटेशन के चलते भी हो सकता है। इसके अलावा पेय के स्वाद और सुगंध को प्रभावित करने के लिए रसायन भी मिलाए जाते हैं। माना जाता है कि गहरे रंग वाले पेय में ऐसे रसायन ज्यादा मिलाए जाते हैं। बोरबन (51फीसदी माल्ट वाली शराब) गहरे रंग की होती है और इसका हैंगओवर भी ज्यादा होता है। लेकिन बीयर और वाइन से होने वाला हैंगओवर एकसमान ही होता है।

स्वास्थ्य के लिए बीयर अच्छी है या वाइन?

वैसे वाइन का रोजाना एक ग्लास शरीर को तरोताजा रखने में मददगार होता है। इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि ऐसा सेवन हृदय रोग के खतरे, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारी के खतरे से बचा सकता है। वहीं बीयर में ऐसे बहुत से गुण नहीं होते, लेकिन उसमें भी पॉलीफेनॉल्स होते हैं, उसी तरह जैसे व्हाइट वाइन में होते हैं। लेकिन इस लिहाज से रेड वाइन सबसे बेहतर है। हालांकि इन तमाम अध्ययनों में किसी भी ड्रिंक्स के ज्यादा पीने को हानिकारक ही माना गया है। कभी कभी यदि एक ग्लास रेड वाइन पी जाए तो उसके फायदे हो सकते हैं।