Jammu-Kashmir: घाटी में खिल रहे हैं खेलों के रंग, पटाया पहुंची जूनियर जिम्नास्टिक टीम

Jammu-Kashmir-Gymnastics.webp

Jammu-Kashmir: Players are coming with Flying Colours

कश्मीर- केसर, सेव के बागीचों, फूलों के रंग और खुशबू के लिए ही नहीं अब तितलियों की तरह इतराती-इठलाती जिमनास्ट के लिए भी दुनिया भर में मशहूर हो रहा है। साइंस से लेकर स्पोर्ट्स के मैदान तक जम्मू-कश्मीर ने भारत का नाम कामयाबी के फलक पर लिख दिया है। जम्मू कश्मीर प्रशासन के प्रयास से इस क्षेत्र की युवा पीढ़ी खेलों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही है। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर का नाम नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर बड़े फक्र के साथ लिया जाने लगा है।

एक के बाद एक स्पोर्ट्स में नए आयाम स्थापित करने के बाद अब जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के अंतर्गत संचालित जिमनास्टिक एकेडमी से प्रशिक्षित युवा थाईलैण्ड के पट्टाया में आयोजित की गई सीनियर और जूनियर रिदमिक जिमनास्टिक चैम्पियनशिप में रंग बिखेरने के लिए तैयार हैं। यह प्रतियोगिता 26जून तक चलेगी।

पटाया में चल रही इस चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर से सीनियर वर्ग में बवलीन कौर, और जूनियर वर्ग में मुस्कान राना, मान्या, वैभवी शर्मा, जागृति ठाकुर, हिमानी ठाकुर और शिवांगी शामिल हैं। सीनिय वर्ग की बवलीन कौर अदरबैजान के बाकू से सीधे पटाया में टीम से जुडेंगी जबकि जूनियर टीम पटाया के पहुंच चुकी है। पिछले दो दशक से जम्मू-कश्मीर की ओर से जिमनास्टिक कोर्ट में रंग बिखेरनी वाली और विभिन्न पुरस्कार हासिल करने वाली मिताली को जूनियर इंडियन टीम का कोच बनाया गया है। मिताली इस समय जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की जूनियर कोच भी हैं। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि पटाया की रिदमिक जिमनास्टिक कंपटीशन में शामिल होने वाली टीमों का सारा खर्च स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने वहन किया है।

इसे भी देखेंः कश्मीर में खण्ड-खण्ड हुआ पाकिस्तानी पाखण्ड

पटाया भेजे जाने वाली जिम्नास्ट्स का चयन 2और 3जून को जम्मू में हुआ था। चयन प्रक्रिया जिमनास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष किरण वट्टल की देख-रेख चली। इस प्रक्रिया समिति में जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया की सिलेक्शन कमेटी की सदस्य अर्जुन अवार्डी डॉक्टर कल्पना देबनाथ,क्रपाली पटेल सिंह,और वर्षा उपाध्ये सम्मिलित रहीं।

जम्मू-कश्मीर की बवलीन कौर के नेतृत्व में भारतीय दल इंडीविजुल इवेंट में संयुक्ता काले और अनन्या सोमण (महाराष्ट्र) जबकि वैभवी बापट, जाह्नवी, सौम्या, सान्या, मिहिका और सृष्टि पटेल (महाराष्ट्र) सिंगल कैटेगरी की सीनियर ग्रुप इवेंट में शामिल होंगी।

जूनियर ग्रुप में जम्मू-कश्मीर की मुस्कान राना के अलावा इंडीविजुल कैटेगरी प्रतिस्पर्धा में आसाम की उपासना और महाराष्ट्र की किमाया और परिना प्रतिभागी हैं। ग्रुप इवेंट में मुस्कान राना, हिमानी गुप्ता, वैभवी शर्मा, शिवांगी और जागृति ठाकुर शामिल रहेंगी।

पटाया जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में भारत की ओर से शामिल हो रही जूनियर ग्रुप में केवल जम्मू-कश्मीर की जिम्नास्ट ही शामिल हैं। चयनकर्ताओं का कहना है कि जम्मू-कश्मीर की जिम्नास्ट ने बाकी प्रदेशों से आई जिम्नास्ट्स से बेहतर प्रदर्शन किया। इसलिए उनका चयन किया गया।

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल जिम्नास्टिक एकेडेमी की टीम को बधाई देते हुए स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुजहत गुल ने कहा कि, 'मुझे विश्वास है कि टीम रंग बिखेरते हुए यानी पदक जीतते हुए वापस आएगी, खास तौर से जम्मू-कश्मीर की जिम्नास्ट अपनी प्रतिभा को साबित करेंगी क्यों कि उनके जैसा दूसरा कोई नहीं है।'

उन्होंने जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल जिम्नास्टिक्स एकेडमी के कोच तथा अन्य स्टाफ की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यहां प्रशिक्षण ले रहे जिम्नास्ट्स को विश्व स्तरीय सुविधा देने और उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनाने में उनका अहम योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि मैडल के साथ वापस आने वाली जम्मू-कश्मीर की जिम्नास्टिक टीम का भव्य स्वागत किया जाएगा।

यहां यह बताना भी जरूरी है कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के निर्देश पर स्पोर्ट्स काउंसिल ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं की प्रतिभा को दुनिया के  सामने लाने में अहर्निश परिश्रम किया है। इसके अलावा राज्य में स्पोर्ट्स कल्चर को समृद्ध करने के लिए 'वॉइस फॉर पीस एण्ड जस्टिस' नाम के एनजीओ ने भी दिन रात मेहनत की है। इस एनजीओ के तत्वावधान में इस समय कश्मीर मेगा फुटबॉल टूर्नामेंट चल रहा है। इस टूर्नामेंट में पूरे कश्मीर की 40टीम हिस्सा ले रहीं हैं।

 'वॉइस फॉर पीस एण्ड जस्टिस' शीघ्र ही नेशनल आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप का भी आयोजन कर रहा है। इस चैंपियनशिप में भारत के 26 राज्यों के रेसलर हिस्सा लेंगे।

जब जिक्र जम्मू-कश्मीर का हो तो यह बताना भी अहम् हो जाता है कि जम्मू और कश्मीर में  स्पोर्ट्स कल्चर तेजी से पनप रहा है। जम्मू-कश्मीर के युवा अलगाववादियों की खींची गई कथित अलगाव की रेखा को लांघ कर खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। कहना गलत न होगा कि कश्मीर घाटी में राष्ट्रीय एकता के रंग खिल उठे। अनेकता में एकता की खुशबू बह रही है।