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लाल क़िले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के ख़ास पल

77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 PM Narendra Modi From Red Fort: आज सुबह लाल क़िले से स्वतंत्रता दिवस के प्रेरक संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से देश की आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर 2047 तक एक विकसित भारत के लिए अथक प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2047 में परिणित होने वाला अमृतकाल का यह नया युग भारतीयों की नई पीढ़ी के लिए स्वतंत्र भारत की नींव पर नया भारत बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो हमारे संस्थापक पिताओं ने रखी थी। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए युवा भारत को तीन प्रमुख बाधाओं को दूर करना होगा: भ्रष्टाचार, वंशवाद शासन और सामाजिक भेदभाव। उन्होंने बताया कि भारत को न केवल अपने विकास, बल्कि ग्लोबल साउथ(अविकसित देशों) सहित पूरे विश्व के कल्याण के लिए काम करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के नेतृत्व वाली पहल पर प्रकाश डाला,जो भारत के उत्थान में निर्णायक भूमिका निभायेगी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास प्रगति की नींव रखने का ऐतिहासिक अवसर है, जो एक हज़ार साल तक चलेगी।

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन से पहले पीएम मोदी लाल क़िला पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया

पीएम मोदी वंशवाद की उस राजनीति को खारिज करते हैं, जो भारत की प्रगति में बाधक है

प्रधानमंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को भारत के उत्थान की कुंजी बताया

पीएम मोदी ने अमृतकाल को एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में रेखांकित किया, जो एक हज़ार वर्षों तक भारत की प्रगति का कारण बन सकता है