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Shani Dev: पितृ पक्ष के पहले दिन शनि पूजा का बन रहा है ये विशेष संयोग

Shani Dev

हिंदू धर्म में शनिदेव (Shani Dev) को न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। नवग्रहों में शनि सबसे क्रूर ग्रह माने गए हैं। ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों पर शनि देव कृपा करते हैं, उन्हें राज सुख की प्राप्ति होती है। शनिवार का दिन खासतौर पर शनि देव (Shani Dev) को समर्पित है। शास्त्रों में शनिवार का दिन शनि देव का प्रिय दिन बताया गया है। यही वजह है कि इस दिन शनि मंदिरों में भक्तों की भारी उमड़ती है। आज की खास बात ये है कि इसी दिन से पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2022) भी प्रारंभ हो रहे हैं।

पितृ पक्ष कब से शुरू?

पौराणिक ग्रंथों में पितृ पक्ष को बेहद खास माना गया है। पंचांग के मुताबिक इस बार ये 10 सितंबर 2022, शनिवार को भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से शुरू हो रहा है, जिसका समापन 25 सितंबर 2022 को किया जाएगा, इसी दिन सर्व पितृ अमावस्या (Mahalaya Amavasya 2022) है।

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पितृ पक्ष में शनि देव की पूजा

पितृ पक्ष में शनि देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय का कारक माना गया है। इसके साथ ही शनि को कर्मफलदाता भी कहते हैं, जो हमारे पूर्व जन्म के अच्छे बुरे कर्मों से भी जुड़े हैं। यही कारण है कि पितृ पक्ष में शनि पूजा को खास माना गया है।

शनिवार को शनि के उपाय

शनिवार का दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा बताया गया है। इस दिन पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध भी है इसलिए इस दिन का महत्व बढ़ जाता है। शनिवार को नजदीकी शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाना चाहिए। इस दिन शनि से जुड़ी चीजों का दान करना चाहिए। इस दिन काली उड़द, काला जूते, काला छाता, लोहा आदि का दान कर सकते हैं। इस दिन पितृ का आभार व्यक्त करना चाहिए और पितृ द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों को याद करना चाहिए।