Hindi News

indianarrative

इस NATO देश में Russia के समर्थन में हुआ बड़ा प्रदर्शन, यूक्रेन हमले के खिलाफ है सरकार

इस NATO देश में Russia के समर्थन में हुआ बड़ा प्रदर्शन

यूक्रेन पर रूस को हमला बोले एक महीने से भी ऊपर हो गया है और इस जंग को रोकने के लिए अमेरिका और नाटो संग पूरे पश्चिमी देशों ने पूरी कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहें। जिसके बाद उन्होंने, रूस को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए कई सारे कड़े प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन, इससे भी रूस को कोई फर्क नहीं पड़ा। इस बीच सारे पश्चिमी देश रूस के खिलाफ हैं। लेकिन, एक नाटो देश में रूस के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन हुआ है।

दरअसल, जर्मनी लगातार रूस का विरोध कर रहा है। इस बीच जर्मनी में ही रूस के समर्थन में एक प्रदर्शन हुआ है। कुछ लोग इसे यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के समर्थन के रूप में देखते हैं, लेकिन आयोजकों का कहना है कि उनका लक्ष्य देश में रूसियों के खिलाफ भेदभाव को उजागर करना है। जर्मनी में रविवार को दूसरे दिन भी रूस समर्थक प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली और यूक्रेन में हमले के बाद से देश की बड़ी रूसी भाषी आबादी के साथ भेदभाव को खत्म करने की मांग की।

लगभग 600लोगों ने देश के वित्तीय केंद्र फ्रैंकफर्ट में मार्च किया, जिस दौरान कई लोगों ने रूसी झंडे लहराए। जर्मन पुलिस के मुताबिक उत्तरी शहर हनोवर में भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ, जिसमें लगभग 350कारों का काफिला शामिल था। हालांकि रैली की शुरुआत में देरी हुई क्योंकि अधिकारियों ने आदेश दिया था कि वाहनों के बोनट को झंडे से ढका न जाए। ऐसे प्रदर्शनों के आयोजकों ने कहा कि वे जर्मनी में रहने वाले रूसियों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता जैसे मुद्दों को उजागर करना चाहते हैं।

हालांकि कई समीक्षकों ने सवाल किया है कि क्या प्रदर्शन कुछ हद तक युद्ध का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार इस तरह की दोनों रैलियां यूक्रेन समर्थक प्रदर्शनों के जवाब में रैलियों के अनुरूप हैं। जर्मन पुलिस ने ध्वस्त किया डार्कनेट का रूसी किला जर्मनी में रूसी मूल के लोग जर्मनी लगभग 12 लाख रूसी और लगभग 3,25,000 यूक्रेनियों का घर है। 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से जर्मन पुलिस ने रूसियों के खिलाफ 383 घृणा अपराध और यूक्रेनियन के खिलाफ 181 अपराध दर्ज किए हैं।