Hindi News

indianarrative

शाहबाज के गले पड़ी एक और मुसीबत,पाकिस्तान की पीठ में 18 अरब डॉलर का छुरा घोंपेगा ईरान

पाकिस्तान को ईरान की धमकी

Iran Vs Pakistan: कंगाल पाकिस्तान (Pakistan) के हालात इस समय कुछ सही यही चल रहे है और वह अब खून के आंसू रो रहा है। पाकिस्तान में इस समय हाल बद से बदतर होते जा रहा है। मुल्क में गरीबों पर महंगाई की मार बढ़ती जा रही है। दरअसल पिछले कुछ समय सी पाकिस्तान में आर्थिक संकट (Financial crisis) लगातार गहराता जा रहा है। आलम यह है कि पाकिस्तानी जनता को आटा तक के लिए आपस में लड़ना-झगना पड़ रहा है। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान को ईरान ने 18 बिलियन डॉलर के जुर्माने की धमकी दी है। उसने कहा है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद अगर मल्टी-बिलियन डॉलर का गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ तो पाकिस्तान को जुर्माना देना होगा। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट द न्यूज के अनुसार, ईरानी ऊर्जा मंत्रालय (Iranian Ministry of Energy) के एक अधिकारी ने बताया कि तेहरान ने पाकिस्तान को अपने क्षेत्र में ‘ईरान-पाकिस्तान गैस लाइन प्रोजेक्ट’ के एक हिस्से के निर्माण को पूरा करने के लिए फरवरी-मार्च 2024 तक का समय दिया है, अन्यथा उसे भारी भरकम जुर्माने का सामना करना होगा।

2019 में ही ईरान ने दी थी चेतावनी

ईरान गैस फील्ड से पाकिस्तान सीमा तक प्रोजेक्ट के अपने हिस्से को पहले ही पूरा कर चुका है। पड़ोसी देशों ईरान-पाकिस्तान के बीच यह समझौता 2009 में हुआ थी जब पाकिस्तान में पीपीपी की सरकार थी। समझौते के अनुसार, इस्लामाबाद 800 किमी लंबी पाइपलाइन का निर्माण करेगा लेकिन प्रोजेक्ट 13 साल से लगातार टलता ही जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तानी अधिकारियों ने तेहरान को इस बात की जानकारी दी है कि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से वे इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ा सकते। समझौते के मुताबिक, ईरान 2024 तक देरी के चलते किसी अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में नहीं जा सकता। साल 2019 में ईरान ने पाकिस्तान को आईपी गैसलाइन प्रोजेक्ट के तहत निर्धारित समय अवधि में पाकिस्तानी क्षेत्र में पाइपलाइन नहीं बिछाने के लिए एक मध्यस्थता अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी थी।

ये भी पढ़े: Pakistan में हाय तौबा मचा,आने वाला है इतना बड़ा भूचाल बिखर जाएगा पूरा मुल्‍क

पाकिस्तान हुआ हाल से बेहाल

पाकिस्तान ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है लेकिन तब जब ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटा लिए जाएं। ईरान की तरफ से पाकिस्तान पर 18 बिलियन डॉलर के जुर्माने की धमकी ऐसे समय में आई है जब इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने वाला है और जनता महंगाई के बोझ तले दबी हुई है। शहबाज सरकार कर्ज के लिए आईएमएफ के आगे हाथ फैलाए खड़ी जो बदले में उन पर कई जन-विरोधी फैसले लेने का दबाव बना रही है।