बर्लिन से PM Modi और Scholz की चीन-पाकिस्तान को चेतावनी,सुधर जाओ वरना अंजाम भुगतने को रहो तैयार

<p>
पीएम मोदी के यूरोप दौरे से आज चीन और पाकिस्तान दोनों की छाती पर सांप लोट रहा होगा। चीन यूरोप और अफ्रीकी देशों को अपने कर्ज के जाल में फंसा रहा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दादागिरी दिखाने की कोशिश कर रहा है। पीएम मोदी और ओलफ शोल्ज ने कहा है कि विस्तारवाद के खिलाफ दोनों देश एकजुट हैं, किसी भी ताकत को हिंद प्रशांत का दारोगा नहीं बनने दिया जाएगा।</p>
<p>
इस बयान से चीन जलभुन कर राख हो गया होगा तो वहीं पाकिस्तान पर दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवादियों का छद्म इस्तेमाल और सीमा-पार से आतंकवाद भी शामिल हैं। पाकिस्‍तान को सख्‍त संदेश देते हुए दोनों ही नेताओं ने सभी देशों से आतंकवादियों के पनाहगाहों और बुनियादी ढांचे को खत्म करने, आतंकवादी नेटवर्क को बाधित करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार वित्तपोषण को अवरूद्ध करने का आह्वान किया। पीएम मोदी और जर्मन चांसलर शोल्‍ज ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 1267 प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित गिरोहों सहित सभी आतंकवादी गिरोहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया।</p>
<p>
भारत और जर्मनी के संयुक्‍त बयान में साफ तौर कहा है कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाए जाने पर बल देते हैं। साथ ही दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान को इसका केंद्र मानते हैं। इस बयान में जर्मनी की ओर से रूस के यूक्रेन पर हमले की कड़ी आलोचना की है। विश्‍लेषकों का मानना है कि भारत और रूस के संयुक्‍त बयान में यूक्रेन युद्ध की आलोचना रूस को बड़ा संकेत है। यही नहीं पीएम मोदी इस महीने होने जा रहे G-7 की विशेष बैठक में भी शामिल होने जा रहे हैं जिसे जर्मनी ने खासतौर से रूस को घेरने के लिए आयोजित किया है।</p>
<p>
भारत और जर्मनी के संयुक्‍त बयान में दुनिया में संयुक्‍त राष्‍ट्र के नियमों के मुताबिक नियम आधारित अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यवस्‍था के महत्‍व को रेखांकित किया गया है। दोनों देशों ने सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्‍मान करने के लिए कहा। भारत और जर्मनी ने हिंद- प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाए जाने पर बल दिया। आसियान की केंद्रीयता को मान्‍यता दी गई। साथ ही अंतरराष्‍ट्रीय कानून के तहत बेरोक-टोक व्‍यापार और नौवहन की स्‍वतंत्रता के महत्‍व पर भी जोर दिया गया।</p>

आईएन ब्यूरो

Recent Posts

खून से सना है चंद किमी लंबे गाजा पट्टी का इतिहास, जानिए 41 किमी लंबे ‘खूनी’ पथ का अतीत!

ऑटोमन साम्राज्य से लेकर इजरायल तक खून से सना है सिर्फ 41 किमी लंबे गजा…

7 months ago

Israel हमास की लड़ाई से Apple और Google जैसी कंपनियों की अटकी सांसे! भारत शिफ्ट हो सकती हैं ये कंपरनियां।

मौजूदा दौर में Israelको टेक्नोलॉजी का गढ़ माना जाता है, इस देश में 500 से…

7 months ago

हमास को कहाँ से मिले Israel किलर हथियार? हुआ खुलासा! जंग तेज

हमास और इजरायल के बीच जारी युद्ध और तेज हो गया है और इजरायली सेना…

7 months ago

Israel-हमास युद्ध में साथ आए दो दुश्‍मन, सऊदी प्रिंस ने ईरानी राष्‍ट्रपति से 45 मिनट तक की फोन पर बात

इजरायल (Israel) और फिलिस्‍तीन के आतंकी संगठन हमास, भू-राजनीति को बदलने वाला घटनाक्रम साबित हो…

7 months ago

इजरायल में भारत की इन 10 कंपनियों का बड़ा कारोबार, हमास के साथ युद्ध से व्यापार पर बुरा असर

Israel और हमास के बीच चल रही लड़ाई के कारण हिन्दुस्तान की कई कंपनियों का…

7 months ago