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तालिबान ने सरेआम उतारी पाकिस्तान पीएम की इज्जत, इमरान खान को बताया ISI का ‘पालतू’

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तालिबान के पिछले साल अगस्त में अफगानिस्तान की गद्दी पर काबिज होने के बाद पाकिस्तान के तेवर बदले-बदले से दिखने लगे थे। पाकिस्तान के एक नेता ने तो यहां तक कह दिया था कि कश्मीर को पाने में अब उनकी मदद तालिबान करेगा। लेकिन वक्त बदलते देर नहीं लगती। जिस तालिबान को लेकर पाकिस्तान मजबूत महसूस करता था, आज उसे लेकर ही डरा हुआ महसूस कर रहा है। दोनों के बीच रिश्ते बिगड़ रहे हैं। आलम ये है कि दोनों ही एक दूसरे पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे।

तालिबान नेताओं ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा है कि इमरान खान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) की कठपुतली हैं। तालिबान के एक प्रवक्ता स्थानीय टीवी चैनल से बात करते हुए कहा- 'इमरान सरकार इस्लामिक अमीरात के खिलाफ राष्ट्रवादी अफगानों को भड़काने की कोशिश कर रही है। ये उनके उद्देश्यों में से एक है।' प्रवक्ता ने ये भी कहा कि पाकिस्तान जल्द ही बिखर जाएगा और वह FATF की ब्लैकलिस्ट में होगा।'

आपको बता दें कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने हाल ही में काबुल दौरे को रद्द किया था। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया था कि खराब मौसम के चलते मोईद का दौरा टाला गया है, लेकिन पाकिस्तान के दो पत्रकारों ने इमरान सरकार के दावे की धज्जियां उड़ा दीं। इन्होंने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा- 'अफगानिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ बेहद नफरत है। यूसुफ के दौरे के पहले ही वहां बड़ी तादाद में लोग एयरपोर्ट पर जुट गए थे। बदनामी की वजह से पाकिस्तान ने यह दौरा रद्द किया।' 

पत्रकारों ने बताया कि मोईद को फ्लाइट में बोर्ड होने के बाद बताया गया कि काबुल एयरपोर्ट के बाहर हजारों लोग पाकिस्तान के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उनका वहां जाना अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत को भी मंजूर नहीं था। लिहाजा, यह दौरा ही पहले पोस्टपोन और बाद में कैंसल कर दिया गया। पाकिस्तान सरकार ने नाक बचाने के लिए कहा कि काबुल में मौसम खराब था।