Viagra for Covid मिल गया कोरोना किलर! वियाग्रा खा कर 28 दिन बाद कोमा से बाहर आई कोरोना मरीज

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कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट ने तबाही मचाई हुई है। वैक्सीन और दवाओं को लेकर डॉक्टर्स की रिसर्च भी जारी है। इसी बीच 'वियाग्रा' संजीवनी बनकर उभरी है। एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखने के बाद आप भी कहेंगे कि वियाग्रा से किसी की जान भी बचाई जा सकती है। ब्रिटेन में कोरोना के चलते कोमा में चली गई एक नर्स की जिंदगी वियाग्रा के इस्तेमाल से बच गई। बताया जा रहा है कि 37 वर्षीय मोनिका अल्मेडा 45 दिनों से कोमा में थीं और डॉक्टरों ने वियाग्रा की मदद से उन्हें कोमा से बाहर निकाला। होश में लाने का मिशन 'वियाग्रा' के कारण सफल रहा।

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जानकारी के मुताबिक, मोनिका अल्मेडा नाम की नर्स एनएचएस लिंकनशायर में कोरोना के मरीजों का लगातार इलाज कर रही थीं। इस दौरान वो अक्तूबर 2021 में कोरोना की चपेट में आ गईं। धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। खून की उल्टियां और शरीर में दर्द रहने लगा। उन्होंने अस्पताल में अपना इलाज करवाया तो हालत में जरा सुधार होने लगा। हालत में मामूली सुधार को देखने के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन कुछ दिनों बाद मोनिका को सांस लेने में दिक्कत आने लगी। जिसके बाद उन्हें फिर से अस्पताल का रूख करना पड़ा। ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरने से उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।

मोनिका अल्मेडा 16 नवंबर को कोमा में ही चली गईं। दिन पर दिन चढ़ते गए। 45 दिन तक कोमा में रहने के बाद उनके साथियों ने नए प्रयोग के तौर पर उन्हें वियाग्रा का डोज दिया। जिसने कमाल कर दिया। मोनिका होश में आने लगी। उन्हें वियाग्रा की हैवी डोज दी गई थी। जिससे उनका ऑक्सीज़न लेवल मेंटेन करने में मदद मिली। आपको बता दें कि वियाग्रा का इस्तेमाल ब्लड प्रेशर को बेहतर बनाने में सहायक होता है। वियाग्रा फेफड़ों में फोस्पोडायस्टेरियस एंजाइम बनाकर फेंफड़ो को आराम पहुंचाती है। जिससे ऑक्सीजन लेवल ठीक हुआ और मोनिका की जान बच पाई। अब वो पूरी तरह ठीक हैं। डॉक्टरों ने उन्हें होश में लाने के लिए इरेक्टाइल डिसफंक्शन की दवा का उपयोग किया।