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UN में जेलेंस्की का उठा दर्द, बोलें- कहां गए मेरी मदद करने वाले- NATO-US को दिख नहीं रहा कि…

UN में जेलेंस्की का उठा दर्द

यूक्रेन पर हमले को एक महीने से ज्यादा हो गया और इसमें यूक्रेन पूरी तरह बर्बाद हो गया है लेकिन, अकड़ अब भी वैसे की वैसी ही है। यूक्रेन की ये गलतफहमी तो दूर हो गई जो "वो जंग से पहले अमेरिका और नाटो के दम पर घमंड में था कि, अगर रूस ने हमला किया तो उसके खिलाफ सिर्फ यूक्रेन  सैनिक नहीं बल्कि नाटो और अमेरिकी सैनिक भी लड़ेंगे। लेकिन, जब जंग की शुरुआत हुई तो अमेरिका-नाटो मैदाम में उतरने से ही मना कर दिए"। अमेरिका और नाटो लाख धमकियों और कोशिशों के बाद भी रूस को यूक्रेन पर हमला करने से नहीं रोक सके। इस बीच संयुक्त राष्ट्र में जेलेंस्की ने मांग की कि रूस को सुरक्षा परिषद से बाहर कर देने की जरूरत है।

जेलेंस्की पहली बार सुरक्षा परिषद को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि रूस की सेना और इसके लिए आदेश देने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। जेलेंस्की ने मांग की कि रूस को सुरक्षा परिषद से बाहर कर देने की जरूरत है। अगर आपको लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का समय अभी भी चल रहा है तो आपको तुरंत कार्रवाई करनी होगी।

इसके साथ ही UNSC की बैठ के दौरान जेलेंस्की ने सवाल उठाया है कि, यूएनएससी को जो सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए, वह कहां है? जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस यूक्रेन को 'मूक दास' बनाना चाहता है और कहा कि रूस को उसकी हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूसी सैनिकों के कृत्य आतंकवादियों से अलग नहीं हैं। जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सैनिकों ने जातीय और धार्मिक विविधकता को नष्ट करने की नीति पर काम किया, इसके बाद युद्ध भड़काया और कई नागरिकों की जान ली।