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पाकिस्तान हुआ ठन-ठन गोपाल,उच्चतम स्तर पर महंगाई

पाकिस्तान: ज़बरदस्त महंगाई के चलते लोगों की जेब में बहुत कम पैसे (फ़ोटो: सौजन्य: आईएएनएस)

पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (पीबीएस) के आंकड़ों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया हैसंवेदी मूल्य सूचकांक (एसपीआई) द्वारा मापी गई अल्पकालिक मुद्रास्फीति 22 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के लिए साल-दर-साल 46.65 प्रतिशत के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गयी है, जबकि पिछले सप्ताह यह 45.64 प्रतिशत थी।
समा टीवी ने बताया कि सप्ताह-दर-सप्ताह आधार पर टमाटर, आलू और गेहूं का आटा महंगा होने के कारण अल्पकालिक मुद्रास्फीति में 1.80 प्रतिशत की वृद्धि हुई।22 मार्च को समाप्त हुए चालू सप्ताह के लिए एसपीआई में 1.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

समा टीवी की सूचना के मुताबिक़,खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में प्रमुख वृद्धि कुछ इस तरह देखी गई- टमाटर (71.77 प्रतिशत), गेहूं का आटा (42.32 प्रतिशत), आलू (11.47 प्रतिशत), केला (11.07 प्रतिशत), चाय लिप्टन (7.34 प्रतिशत), दाल मैश (1.57 प्रतिशत), चाय तैयार (1.32 प्रतिशत) और गुड़ (1.03 प्रतिशत), और गैर-खाद्य पदार्थ जैसे जॉर्जेट (2.11 प्रतिशत), लॉन (1.77 प्रतिशत) और कपड़ा (1.58 प्रतिशत)।
दूसरी ओर, चिकन (8.14 प्रतिशत), मिर्च पाउडर (2.31 प्रतिशत), एलपीजी (1.31 प्रतिशत), सरसों का तेल और लहसुन (1.19 प्रतिशत), दाल चना और प्याज (1.06 प्रतिशत प्रत्येक), वनस्पति घी 1 किग्रा (0.83 प्रतिशत), खाना पकाने का तेल 5 लीटर (0.21 प्रतिशत), दाल मूंग (0.17 प्रतिशत), दाल मसूर (0.15 प्रतिशत), और अंडे (0.03 प्रतिशत) की क़ीमतों में कमी देखी गई। ।
समा टीवी ने बताया कि सप्ताह के दौरान, 51 वस्तुओं में से, 26 (50.98 प्रतिशत) वस्तुओं की क़ीमतें बढ़ीं, 12 (23.53 प्रतिशत) वस्तुओं की क़ीमतें घटीं, और 13 (25.49 प्रतिशत) वस्तुओं की क़ीमतें स्थिर रहीं।
वर्ष दर वर्ष प्रवृत्ति में 46.65 प्रतिशत, प्याज (228.28 प्रतिशत), सिगरेट (165.88 प्रतिशत), गेहूं का आटा (120.66 प्रतिशत), Q1 के लिए गैस शुल्क (108.38 प्रतिशत), डीजल (102.84 प्रतिशत) की वृद्धि दर्शाई गई है। , चाय लिप्टन (94.60 प्रतिशत), केले (89.84 प्रतिशत), चावल इर्री-6/9 (81.51 प्रतिशत), चावल बासमती (81.22 प्रतिशत), पेट्रोल (81.17 प्रतिशत), अंडे (79.56 प्रतिशत) , दलहन मूंग (68.64 प्रतिशत), आलू (57.21 प्रतिशत) और दाल मैश (56.46 प्रतिशत), जबकि पिसी हुई मिर्च (9.56 प्रतिशत) के भाव में कमी देखी गई है।