जरा संभल कर! बच्चों पर कोरोना के नए वेरिएंट का बढ़ा खतरा- इतने साल के मासूमों को बना रहा निशाना

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इतने साल से कम उम्र के बच्चों पर अधिक अटैक कर रहा कोरोना नया वेरिएंट

इस वक्त कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमीक्रॉन बहुत की कम समय में कई देशों में फैल गया। इस वक्त पूरी दुनिया इस वायरस से खैफ में है। कई देशों ने अपने यहां पर सख्त पाबंदियां लगानी शुरू कर दी है। कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया है तो कई देशों ने लॉकडाउन लगा दिया है। अब इस वायरस को लेकर एक और बुरी खबर आई है। कहा जा रहा है कि यह वेरिएंट 5 साल से कम उम्र के बच्चों पर ज्यादा अटैक कर रहा है। जो वाकई में दुनिया की चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि इस उम्र के बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है।

दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। देश में शुक्रवार रात तक संक्रमण के 16,055 नए मामले सामने आ चुके थे और 25 संक्रमितों की मौत हो चुकी थी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डीजीज (NICD) की डॉ वसीला जसत ने बताया कि, हमने देखा कि पहले बच्चे कोविड महामारी से इनते प्रभावित नहीं हुए, बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत भी ज्यादातर नहीं पड़ी।

उन्होंने कहा कि, महामारी की तीसरी लहर में पांच साल से कम उम्र के अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती हुए हैं। 15 से 19 वर्ष की आयु के किशोरों को भी अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा। उन्होंने कहा कि, अब चौथी लगर की शरुआ में सभी आयुवर्गों में मामले तेजी से बढ़े हैं लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों में विशेष तौर पर मामले बढ़ें। इसके आगे उन्होंने कहा कि, हालांकि, संक्रमण के मामले अब भी बच्चों में ही सबसे कम हैं। सर्वाधिक मामले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में हैं और उसके बाद सबसे अधिक मामले पांच साल से कम उम्र के बच्चों में हैं। पांच से कम उम्र के बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने के मामले बढ़े हैं जबकि पहले ऐसा नहीं था।