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Ahmedabad Serial Blast News पीएम मोदी की हत्या की साजिश के तार यूपी के नजीबाबाद और मेरठ से जुड़े!

मोदी की हत्या के तार यूपी के मेरठ और नजीबाबाद में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2008 में अमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट के दौरान हत्या की साजिश में जिन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है उनमें से एक उत्तर प्रदेश के बिजनौर का और एक मेरठ का रहने वाला है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए सजा का ऐलान करने वाले जज को कहना पड़ा की यह राष्ट्र के खिलाफ एक गहरी साजिश और रेयर ऑफ रेयरेस्ट क्राइम है। प्रधानमंत्री उस समय गुजरात के मुख्य मंत्री थे। जब वो अस्पताल में घायलों से पहुंचे तो उसी वक्त अस्पताल परिसर में भी एक धमाका हुआ था। जिसमें वो बाल-बाल बच गए थे।

अहमदाबाद कोर्ट के आदेश के बाद यूपी की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों में अफरातफरी मच गई है। खुफिया एजेंसियां बिजनौर और मेरठ के इन दोनों कैदियों के परिवार खोजने में लग गई हैं। खुफिया एजेंसियों की चिंता इस बात की है कि इन दोनों कैदियों के परिवार में कितने सदस्य थे, वो इन 14 सालों में क्या करते रहे। मेरठ वाले कैदी का नाम जियाउर्रहमान उर्फ मौंटू है। उसके पिता का नाम अब्दुल रहमान है।

खुफिया अधिकारियों को अभी तक मेरठ के मौंटू बिजनौर जनपद के नजीबाबाद कस्बे के पठानपुरा मोहल्ले में रहने वाले तनवीर के परिवार वालों का अभी तक कुछ भी पता नहीं चला है। खुफिया अधिकारी अब उन लोगों की तलाश में जुट गई हैं जो तनवीर और मौंटू से मिलने के लिए जेल में आते थे। हालांकि खुफिया एजेंटों ने पठानपुरा जाकर तनवीर के बारे में जानकारी हासिल की लेकिन पठानपुरा के लोगों से वो कुछ भी उगलवा नहीं पाए। ऐसा माना जा रहा है कि मौंटू और तनवीर ने अपने घर के बारे में गलत सूचना पुलिस को दी होगी।

अब सुरक्षा एजेंसियां इस केस की जांच कर रहे अधिकारियों से संपर्क कर रही हैं और यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या कभी वो इन दोनों की पृष्ठभूमि जानने के लिए नजीबाबाद या मेरठ गए थे। क्या उन्होंने उन दोनों की निशानदेही पर नजीबाबाद या मेरठ से कुछ बरामदगी की थी या नहीं।  

इसके अलाला अदालत ने 11 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पिछले मंगलवार को इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और 49 लोगों को पहले ही दोषी करार दिया था। बताया गया कि दोषियों को 14 साल बाद सजा सुनाई गई है। इस फैसले को ऐतिहासिक इसलिए बताया जा रहा है क्यों कि 14 साल किसी प्रकरण एक साथ 38 दोषियों को एक साथ फांसी की सजा सुनाई है।