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कुपवाड़ा हिमस्खलन : देवदूत बने भारतीय जवान! 6 घंटे बर्फ में दबे लोगों को मौत के मुंह से निकाला बाहर

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पहाड़ी इलाकों पर भारी बर्फबारी हो रही है। ऐसे में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इन प्रकृति आपदाओं को लेकर सेना के जवान अलर्ट पर है और हिमस्खलन प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है। ऐसी ही एक घटना उत्तरी कश्मीर के जिला कुपवाड़ा के टंगडार चौकीबल राजमार्ग पर हुई, यहां अचानक दो जगह हिमस्खलन हो गय। इस रास्ते से गुजर रही सभी गाड़ियां बुरी तरह से बर्फ में फंस गई थी। करीब 30 लोग जिनमें बड़े-बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे, वो बर्फबारी में दब गए। सभी को लगा कि उनकी सांसें अब थमने वाली है, तभी ऐसे वक्त पर सेना के जवान देवदूत बनकर पहुंच गए।

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फंसे लोगों को हौंसला बढ़ाने के लिए जवानों ने कहा कि 'घबराएं नहीं, हम सभी को सुरक्षित निकाल लेंगे। घबराना नहीं।' इन शब्दों को सुनकर लोगों के जान में जान आई। जवानों ने 30 लोगोंकों को समय रहते बचा लिया। जानकारी के मुताबिक,  टंगडार से चौकीबल की तरफ से कुछ लोग अपने वाहनों में आ रहे थे। उस समय हिमपात भी हो रहा था। रास्ते में अचानक एक जगह हिमस्खलन हो गया और वाहन उसमें फंस गए। सड़क भी पूरी तरह बंद हो गई। गनीमत रही कि वाहन पूरी तरह बर्फ के नीचे नहीं दबे थे। जिस जगह यह हिमस्खलन हुआ है, वहां से कुछ ही दूरी पर सेना की नीलम कंपनी की एक एवालांच रेस्क्यू टीम भी तैनात थी।

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हिमस्खलन और उसमें कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना जैसे ही नीलम कंपनी में पहुंची, कैप्टन कुलजोत सिंह के नेतृत्व में बचावकर्मी मौके पर पहुंच गए। उनके साथ सेना की जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स का भी एक दस्ता मौके पर पहुंचा। उन्होंने बर्फ को हटाते हुए वाहनों में ठंड से ठिठुर रहे सभी लोगों को बाहर निकाला औरअपने शिविर में पहुंचाया। इनमें कुछ बच्चे और महिलाएं भी शामिल थी। सैन्य शिविर में इन सभी लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके साथ ही उन्हें कंबल और खाने-पीने के सामान भी दिए गए।