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देश के पहले बैच की वूमेन अग्निवीरों में अव्वल ख़ुशी पठानिया

वीमेन अग्निवीरों के पहले बैच में बेस्ट अग्निवीर बनीं ख़ुशी पठानिया

पठानकोट की 19 वर्षीय बेटी ख़ुशी पठानिया को बेस्ट वूमेन अग्निवीर से सम्मानित किया गया है। ख़ुशी पठानिया पठानकोट ज़िले के त्रेहटी गांव की एक ऐसी बेटी है, जिसने न सिर्फ़ गांव का नाम रौशन किया है,बल्कि फ़र्स्ट पासिंग आउट परेड में उसे जनरल विपिन रावत ट्रॉफ़ी से भी नवाज़ा गया है।

बेहद साधारण परिवार में जन्मी ख़ुशी पठानिया बचपन से ही होनकार छात्रा रही है। अपनी पोती को मिले सम्मान से सुभाष पठानिया गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, और पोती की सफलता का क्रेडिट ख़ुशी के पिता संतोष सिंह पठानिया और माता शारदा देवी को देना चाहते हैं।

ख़ुशी पठानिया की करीब 4 महीने पहले इंडियन नेवी में बतौर एसएसआर सिलेक्शन हुआ था। सेलेक्शन के बाद ख़ुशी पठानिया की कड़ी मेहनत के बदौलत फ़र्स्ट पासिंग आउट परेड में उसे जनरल विपिन रावत अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद उसके गांव और पूरे इलाक़े में जश्न का माहौल है। ख़ुशी की इस कामयाबी के बाद उसे दूर-दूर से लोग बधाई देने पहुंच रहे हैं।

अपनी फ़र्स्ट पासिंग आउट परेड में मिले इस नायाब ट्रॉफ़ी को पाकर जहां ख़ुशी काफी गदगद महसूस कर रही है,वहीं ख़ुशी के पैतृक गांव में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी क्रम में पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू ख़ुशी के दादा सुभाष पठानिया को बधाई देने उसके गांव पहुंचे। इस मौक़े पर उन्होंने कहा कि यह पूरे पंजाब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हमारे छोटे से गांव त्रेहटी के किसान परिवार की ख़ुशी न सिर्फ़ नेवी में सेलेक्ट हुई है, बल्कि 3 हज़ार से अधिक कैंडिडेट्स से होड़ लेते हुए पहले नम्बर पर आयी है और ये उसकी कड़ी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज उसे पहला जनरल विपिन रावत सम्मान से सम्मानित किया गया है।

19 वर्षीय ख़ुशी के दादा एक सेवानिवृत सूबेदार मेजर हैं,जबकि पिता एक किसान हैं। INS चिल्का में 2,585 अग्निवीरों के पहले बैच ने अपनी पासिंग आउट परेड का जश्न मनाया। पासिंग आउट परेड में मौजूद नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि सेना में शामिल किए गए ये अग्निवीर पूरे आत्मविश्वास और दृढता के साथ आने वाले सभी चुनौतियों का सामना डट कर करेंगे।