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50 की उम्र में इस महिला ने Youtube पर बनाई एक अलग पहचान, अमेरिका में भी है बोलबाला

50 साल की उम्र में बनीं यूट्यूबर

इंटरनेट (Internet) की ताकत कुछ इतनी है कि वो लोगों को एक दूसरे से वाकिफ करा देती है। ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश के छोटे गांव की रहने वाली शशिकला चौरसिया (shashikala chaurasia) की, जिन्होंने यूट्यूब (Youtube) के जरिए भारत के बाहर तक अपनी पहचान बना ली है। उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर जौनपुर के गांव की रहने वाली शशिकला आज यूट्यूबर हैं और उनका चैनल अम्मा की थाली अमेरिका (America) और दुबई जैसे देशों में शहूर है।

पहले तो शशिकला नहीं मानीं

चंदन ने कुछ दिन रिसर्च की और इसके बाद अपने भाइयों सूरज और पंकज से कुछ राय मशवरा किया। इसके बाद अपनी मां शशिकला से कहा कि क्‍यों न वह जो बेहतरीन व्‍यंजन बनाती हैं उसे यूट्यूब पर पोस्‍ट कर दिया करें। इससे तारीफ भी मिलेगी और भविष्‍य में पैसे भी मिल सकते हैं। शशिकला के गले यह बात नहीं उतरी, भला चूल्‍हे पर बने खाने का वीडियो कोई क्‍यों देखेगा… और पैसे… वह कोई क्‍यों देगा?

पहला वीडियो नहीं चल पाया

लेकिन बालहठ के आगे मां की एक न चली और 1 नवंबर 2017 को ‘बूंदी की खीर’ का वीडियो बनाकर यूट्यूब (Youtube) पर पोस्‍ट किया गया। कक्षा 5 तक पढ़ी शशिकला कैमरे के सामने आने में हिचक रही थीं इसलिए उनकी शर्त थी कि उनका चेहरा नहीं आना चाहिए। खैर, वीडियो बना… लेकिन बच्‍चों का दिल टूट गया। महज 15-20 व्‍यूज आए। लेकिन उन्‍होंने हिम्‍मत नहीं हारी।

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6 लाख सब्‍सक्राइबर्स हैं, 26 करोड़ व्‍यूज

तीनों बच्‍चे जॉब और घर के बिजनेस में लगे रहते हैं। खाली समय में वह चैनल का काम करते हैं। आज सबकी मेहनत की बदौलत चैनल पर लगभग 16 लाख सब्‍सक्राइबर्स हैं, 26 करोड़ व्‍यूज हैं। इनकी सदाबहार डिश ‘सूजी के गुलाब जामुन’ है जिसके 5 करोड़ व्‍यूज हैं, दूसरे नंबर पर रसगुल्‍ले का वीडियो है जिसे 4 करोड़ लोग देख चुके हैं। शशिकला चौरस‍िया की यह कहानी किसी परीकथा के सच होने जैसा है। शशिकला के लिए तो है खुद हमारे आपके लिए भी यह भरोसा करना मुश्किल है कि तकनीक की ताकत हमारी किस्‍मत की बंद तिजोरी का ताला इस तरह भी खोल सकती है।

अब पैसे आते हैं अम्‍मा के अकाउंट में

इसका चैनल का नाम ‘अम्‍मा की थाली’ क्‍यों रखा, यह पूछने पर चंदन बताते हैं कि यूट्यूब पर हमने किचन नाम से बहुत चैनल देखे थे। लेकिन मां या दादी मां के हाथ का स्‍वाद बताने वाला कोई चैनल नहीं दिखा। इसलिए नाम रखा ‘अम्‍मा की थाली।’ अब चंदन इस चैनका तकनीकी पक्ष देखते हैं, पंकज वीडियो बनाते हैं और सूरज एडिट करते हैं। लेकिन पैसा शशिकला के ही अकाउंट में आता है।