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योगी आदित्यनाथ मथुरा में जो अभी तक न कर पाए वो शिंदे ने महाराष्ट्र में एक झटके में कर दिया, देखें ‘गोविंदाओं’ के लिए ये बड़ा ऐलान

Sri Krishna Janmashtami, महाराष्ट्र में सीएम एकनाथ शिंदे का मास्टर स्ट्रोक

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सन्यांसी हैं, प्रयाग, वाराणसी और अयोध्या का कायाकल्प कर दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री संन्यासी नहीं हैं लेकिन उन्होंने ऐसा काम किया है जिससे महाराष्ट्र नहीं पूरे देश के युवाओं का दिल जीत लिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दही-हाण्डी के खेल को एडवंचरस खेल घोषित कर दिया है। मतलब यह कि दही-हाण्डी खेलने वाले गोविंदाओं को स्पोर्ट्स कोटा में सरकारी नौकरी देने और इस खेल मे घायल होने वाले गोविंदाओं को फ्री इलाज का ऐलान किया है। जीवन क्षति होने पर दस लाख रुपये की आर्थिक मदद का भी ऐलान किया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस कदम से भाजपा नीत या भाजपा गठबंधन वाली सरकारों को प्रेरणा मिली है कि किस तरह से धार्मिक-सनतान परंपराओं को समृद्ध बनाया जा सकता है और आस्था को बल दिया जा सकता है। एकनाथ शिंदे के इस ऐलान से महाराष्ट्र के गोविंदाओं में गजब का उत्साह है। दही-हाण्डी के आयोजन स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बीते दिन विधानसभा में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी उत्सव के लिए बनाए जाने वाले ह्यूमन पिरामिड को साहसिक खेल के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है। इस मान्यता के साथ पर्व में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी स्पोर्ट्स कोटा के तहत सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाएँगे।”

सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ह्यूमन पिरामिड के निर्माण के दौरान किसी प्रतिभागी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर उसके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद के रूप में 10लाख रुपए मिलेंगे। साथ ही गंभीर रूप से घायल होने वाले खिलाड़ी को सात लाख रुपए और फ्रैक्चर वाले खिलाड़ी को पाँच लाख रुपए दिए जाएँगे।

ध्यान रहे, महाअघाड़ी सरकार ने कार्यभार संभालते ही दही हाण्डी के आयोजन पर रोक लगा दी थी। दो साल की पाबंदी के बाद इस बार दही हांडी उत्सव को राज्य में बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है क्योंकि सरकार ने सभी कोरोना संबंधी प्रतिबंधों को हटा दिया है। त्योहार में गोविंदा के ग्रुप शहरों में घूमते हैं और दही हांडी को तोड़कर इनाम जीतने के लिए एक-दूसरे के साथ प्रतियोगिता आयोजित करते हैं। अभी यह देखना है कि इन आयोजनों को अन्य खेलों की तरह नियम-कानून बनाए जाएंगे। क्या कोई कमेटी-फेडरेशन भी बनेगी या यूं ही निजी स्तर पर दही-हाण्डी के आयोजन होंगे।