खरीदने जा रहे हैं ये विदेशी SUV कार तो पढ़ लें यह खबर- अब करना पड़ेगा लंबा इंतजार

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इस SUV कार के लिए अब करना पड़ेगा लंबा इंतजार

भारतीय बाजार में जापानी कंपनी निसान ने भी ग्लोबल चिप संकट को देखते हुए अपने प्रोडक्शन कैपेसिटी में कटौती करने का एलान किया है, कंपनी ने नवंबर तक व्हीकल प्रोडक्शन में कमी की घोषणा की है। निशान ने कहा है कि, वह नवंबर तक मैनुफैक्चर होने वाले वाहनों की संख्या को दुनिया भर में लगभग एक तिहाई तक कम कर सकती है।

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निसान ने कहा है कि वह कोविड -19 महामारी के कारण सेमीकंडक्टर्स की चल रही कमी के कारण ग्लोबल प्रोडक्शन में 30% की कटौती करने की स्कीम बना रहा है। Nikkei के अनुसार, कार मेकर इस साल अक्टूबर से नवंबर के बीच दो महीने के पीरियड के दौरान दुनिया भर में केवल 583,000 कारों की मैनुफैक्चरिंग करेगी। निक्केई ने निसान के एक स्पोक्सपर्सन के हवाले से कहा, हम एक्सेप्ट करते हैं कि सेमीकंडक्टर सप्लाई की कमी अभी भी एक कठिन स्थिति में है। इसके आगे उन्होंने कहा कि, निसान मोटर प्रोडक्शन में कटौती पर एक अपडेट शेयर करेगी जब वह नवंबर में अपनी कमाई के नतीजों पर रिपोर्ट पब्लिश करेगी।

इंडिया में इस वक्त निसान की मैनुफैक्चरिंग फैसलिटी चेन्नई के पास है, जहां से यह देश में बेची जाने वाली दो SUV मैग्नाइट और किक्स का निर्माण करती है। प्रोडक्शन में ग्लोबल कटौती का असर उसके भारत के ऑपरेशन पर भी पड़ सकता है। वहीं, हाल के दिनों में भारत में निसान मैग्नाइट की काफी तेजी से डिमांड बढ़ी है। इसकी वेटिंग पीरियड भी काफी बढ़ गई है। खबरों की माने तो देश में कुछ जगहों पर नई मैग्नाइट एसयूवी के लिए ग्राहकों को आठ महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

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बता दें कि सिर्फ निसान ने ही अपने प्रोडक्शन में कटौती कै फैसला नहीं लिया है बल्कि, कई और वाहन निर्माताओं ने अपनी वाहनों के प्रोडर्शन कैपेसिटी को कम करने का फैसला लिया है। रेनॉल्ट से लेकर टोयोटा तक ने ग्लोबल चिप संकट के चलते अपने प्रोडक्शन कैपेसिटी में कटौती की है।