TTP के प्रवक्ता का बड़ा खुलासा, पाक Taliban को India के खिलाफ इस्तेमाल कर रही Pak आर्मी!

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TTP के प्रवक्ता ने किया पाकिस्तानी फौज और आईएसआई का चेहरा बेनकाब

तहरीक-ए-तालिबान के पूर्व प्रवक्ता एहसान उल्लाह एहसान के खुलासे से दुनिया में हड़कम्प मचा हुआ है। एहसान उल्लाह के खुलासे और कबूलनामे से पाकिस्तान की इमरान सरकार की दुनियाभर में किरकिरी हो रही है। एहसान उल्लाह ने खुलासा कर दिया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के आतंकी संगठनों से रिश्ते कितने करीबी हैं। अपने फायदे के लिए आईएसआई और पाकिस्तानी सरकार किस हद तक झूठ बोल सकती है और किस हद तक जाकर झूठ बोलने पर मजबूर कर सकती है। पाकिस्तान की इमरान सरकार से समझौता करने की कोशिश में लगे अपने पुराने साथियों से कहा है कि वो पाकिस्तान की फौज खास तौर से इमरान खान की किसी भी बात पर भरोसा न करें वरना भागने का मौका तक नहीं मिलेगा।

पाकिस्तानी फौज के सेफ हाउस से भाग कर विदेश में रह रहे एहसान उल्लाह एहसान ने इन सारी बातों का खुलासा 11 जनवरी को प्रकाशित अपने ब्लॉग ‘मेरी आजादी के दो साल’में किया है। एहासन उल्लाह एहसान का असली नाम लियाकत अली है। हालांकि अब दुनिया उसे एहसान उल्लाह एहसान के नाम से ही जानती है। एहसान उल्लाह एहसान ने ही आईएसआई को बताया था कि पाकिस्तान में न्यूजीलैण्ड की टीम पर हमला हो सकता है। यही बात उसने ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों को भी दी थी। इसीके परिणाम स्वरूप न्यूजीलैण्ड की टीम ने पाकिस्तान का टूर मैच शुरू होने से आधे पहले ही रद्द कर दिया था।

TTP के पूर्व प्रवक्ता के एहसान उल्लाह एहसान का पूरा ब्लॉग उर्दू भाषा में यहां देखें

बहरहाल, एहसान उल्लाह अहसान ने अपने ब्लॉग में सबसे बड़ा खुलासा इस बात का किया है कि पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई की हिरासत के दौरान उसके साथ जानवरों से ज्यादा बदतर व्यवहार किया। उसको भारत के खिलाफ बोलने के लिए एक उर्दू में लिखा हुआ बयान दिया गया। उसको कहा गया कि वो इसे हरुफ-दर-हरुफ याद करे और रिकॉर्ड करवाए और उसको ऐसा ही करना पड़ा।

एहसान उल्लाह एहसान के ब्लॉग को पढ़ने के बाद अहसास होता है कि पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई ने उससे कई बार फर्जी बयान दिलवाए। यहां तक कि उसके सबसे अजीज उमर खालिद खुरासानी के खिलाफ भी बयान दिलवाया गया। खुरासानी उसका सबसे अजीज था। किसी छोटी सी बात पर दोनों में रिश्ते तल्ख हुए और दोनों के रास्ते अलग हो गए। एहसान उल्लाह को जब तक अपनी गलती का अहसान हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एहसान ने ‘मेरी आजादी के दो साल’शीर्षक वाले इस ब्लॉग में कई बार अपनी गलती को कबूला है और अपने चाहने वालों से कहा है कि जल्दबाजी में कोई भी ऐसा फैसला न लें जो फिर पलटा न जा सके।

टीटीपी के पूर्व प्रवक्ता एहसान ने पाकिस्तान के फौजी अफसरों, आईएसआई के एजेंटों और सियासी नेताओं पर बिल्कुल भरोसा न करने की बात भी जोर देकर कही है। एहसान ने कहा कि इनसे ज्यादा झूठे, मक्कार और जल्लाद दुनिया में कहीं भी नहीं मिलेंगे। ये अल्लाह के नाम पर भी झूठ बोलते हैं। आईएसआई के पूर्व डीजी फैज हामिद का जिक्र करते हुए एहसान उल्लाह ने कहा कि उसको दोबारा पाकिस्तान लौटने पर पंजाब में जमीन-मकान और बेपनाह पैसे की पेशकश की गई, लेकिन यह सब भ्रम जाल था फिर से गुलाम बनाने का। एहसान ने कहा कि जिंदगी तंग जरूर है लेकिन आजादी का मजा ही कुछ और है। आजाद जिंदगी पाकिस्तानी फौज और आईएसआई की कैद में मरने से बेहतर है। बच्चे खुली हवा में सांस ले रहे हैं उन्हें अपने दोस्त चुनने उनके साथ खेलने की इजाजत है।

इस ब्लॉग की आखिरी दो लाइनों में एहसान ने महत्वपूर्ण मैसेज दिया है, ‘पिछले संघर्ष में शामिल मेरे दोस्तों को मेरी सलाह है कि वे पाकिस्तानी एस्टेब्लिशमेंट (फौज) की कसमों, वादों और दावों पर बिल्कुल भी विश्वास न करें, खासकर सियासी नेताओं को बातचीत के नाम पर दिए जा रहे धोखे में तो कभी नहीं फंसना चाहिए। अगर एकबार उनके चंगुल में फंस गए तो भागने का मौका भी मिलेगा।