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पाक अत्याचारों को उजागर करने के लिए यूरोप में एक मंच पर आते बलोच

इटालियन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और European Public Law Organization के राजदूत जी पापाडाटोस के साथ डॉ नाएला क़ादरी

मार्क किनरा

Baloch Against Pakistan:हाल ही में कनाडाई बलोच नेता और Baloch People’s Congress (BPC) के प्रमुख डॉ नाएला क़ादरी बलोच आम बलूचों के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी सेना द्वारा की गयी क्रूरताओं को उजागर करने के लिए हाल ही में यूरोप में थे। उन्होंने पूर्व डच सांसद और कार्यकर्ता, हैरी वान बोमेल से मुलाक़ात की और उनसे नीदरलैंड और यूरोपीय संसद में बलोच मुद्दे को उजागर करने का अनुरोध किया।

क़ादरी ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से पाकिस्तान में एक फ़ैक्ट फ़ाइनडर मिशन भेजने और बलोचिस्तान के लिए एक विशेष दूत नियुक्त करने का भी अनुरोध किया।

बलोच प्रवासी से मुल़ाकात करने वाले डॉ. क़ादरी ने दावा किया कि Baloch People’s Congress (BPC) ने यूरोप में सात नये चैप्टर खोले हैं। उन्होंने बलोच और सिंधी संगठनों – Voice of Baloch Missing Persons (VBMP), Baloch Voice Association (BVA), Jeay Sindh Muttahida Mahaz (JSMM को भी एकजुट किया और पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन के संबंध में समान विचारधारा वाले संगठनों के बीच समन्वय में सुधार के तरीक़ों पर चर्चा की।

जिनेवा में यूएनएचआरसी की उपस्थिति से पाकिस्तान में राज्य सत्ता के घोर दुरुपयोग को उजागर करने के लिए यूरोप भर में फैलने वाले बलोच और सिंधी राष्ट्रवादियों में वृद्धि हुई है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी आंदोलनों में वृद्धि 20वीं सदी में शुरू हुई, जब साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद का पतन हो रहा था और मूल लोग स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे थे। देशों को उपनिवेशीकरण से आज़ादी तो मिली, लेकिन उन्होंने अपने लोगों और समाजों को विखंडित भी पाया।

अंग्रेज़ों ने न केवल पाकिस्तान बनाने के लिए भारत को विभाजित किया था, बल्कि उपनिवेशवाद के बाद की दुनिया में पाकिस्तान को एक रणनीतिक आधार बनाने के लिए उन्होंने 1948 में बलोचिस्तान पर आक्रमण करने के लिए नव-निर्मित राष्ट्र की तरफ़दारी भी की थी। चूंकि बलोच राष्ट्रवादी अपनी धरती पर पाकिस्तानियों से सैन्य रूप से लड़ना जारी रखे हुए हैं। ऐसे में उनके राजनीतिक आंदोलनों को पश्चिमी देशों में सांस लेने की जगह मिल गई है, जहां वे बलोचिस्तान में संघर्ष पर अद्यतन रखने के लिए सांसदों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहे हैं।

यूरोप में सक्रिय तीन प्रमुख बलूच राजनीतिक संगठन – Free Baloch Movement (FBM), Baloch Republican Party (BRP) और Baloch National Movement (BNM) ने पाया है कि उनके राजनीतिक कार्यकर्ताओं को पश्चिमी देशों में निशाना बनाया जा रहा है और पाकिस्तानी सरकार द्वारा कई पत्रकारों को रहस्यमय तरीक़े से मार डाला गया है।

हालांकि, बलूच संगठन जबरन गायब किये जाने, ग़ैर-न्यायिक हत्याओं और पाकिस्तानी एजेंसियों द्वारा प्रबंधित डेथ स्क्वॉड के अस्तित्व जैसे मानवाधिकार उल्लंघनों को समाप्त करने के लिए सार्वजनिक रैलियां आयोजित करने के साथ-साथ यूरोपीय सांसदों के साथ भी जुड़ते रहते हैं। वकालत से जुड़े बलोच पेशेवरों ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट सहित क़ानून निर्माताओं को ज्ञापन भी दिया है।

तालिबान के हाथों अफ़ग़ानिस्तान के पतन के बाद एफ़बीएम अफ़ग़ानिस्तान में बलोच समुदाय की सुरक्षा के लिए बलोच संगठनों को एक साथ लाने में सक्रिय हो गया है। इसी तरह के क़दम में बीएनएम ने अन्य बलोच समूहों के लिए बलोच मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए हाथ मिलाने के लिए एक साझा-बिंदु एजेंडा जारी किया है।

विभिन्न देशों में वैश्विक स्तर के प्रभावशाली लोगों से मिलने के लिए कनाडा स्थित क़ादरी की यह यूरोप यात्रा न केवल बलोच मुद्दे के लिए सहानुभूति पैदा करने के लिए थी, बल्कि बलोच आंदोलन को एकजुट करने और एक स्वर में बोलने के लिए भी थी थी।

बलोच समुदाय यूरोप में संख्या और प्रभाव के हिसाब से छोटा है,यह समुदाय लगातार अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है और विशाल और प्रभावशाली पाकिस्तानी प्रवासियों के साथ प्रतिस्पर्धा भी करता है। इस्लामाबाद ब्रह्मदाग बुगती और मेहरान मैरी जैसे बलोच नेताओं को संयुक्त राष्ट्र में बोलने से किनारे करने में सक्षम है।

यूरोप में बलोच प्रवासियों के एकजुट होने और एक आम आवाज़ में बोलने के प्रयासों और यूरोपीय कार्यकर्ताओं के समर्थन से बलोच मुद्दा पाकिस्तान के गले की हड्डी बनने की राह पर है। चूंकि बलोच स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ-साथ यूरोप में भी धर्मनिरपेक्ष राजनीति का पालन करते हैं, इसलिए वे यूरोपीय नीतियों को प्रभावित करने और यूरोप को बलोचिस्तान में पाकिस्तानी उल्लंघनों पर गंभीर नज़र डालने के लिहाज़ से बेहतर स्थिति में हैं।