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पीएम मोदी के जापान पहुंचते ही एक्शन में आए Joe Biden, बोले- ड्रैगन भूल जाओ ताइवान को वरना हम ऐसी…

पीएम मोदी के जापान पहुंचते ही एक्शन में आए Joe Biden

अमेरिका और चीन दोनों ही एक दूसरे के कट्टर दुश्मन बनते जा रहे हैं। ड्रैगन इन दिनों कई देशों को परेशान कर रखा है। इनके क्षेत्रों में जबरन घुसने की कोशिश कर रहा है और साथ ही अपना होने का दावा कर रहा है। इसके साथ ही कई और मामलों को लेकर अमेरिका और चीन आमने सामने हैं। खासकर ताइवान को लेकर। ताइवान को लेकर चीन का कहना है कि वो उसका क्षेत्र है जिसे वो कभी भी वापस ले ले। इसके लिए चीन ने रणनीति भी तेज कर दी है। जिसपर अमेरिका का कहना है कि, अगर ताइवान पर हमला हुआ तो चीन को सबसे पहले सामना अमेरिका से करना होगा। वहीं, अब क्वाड सम्मेलन होने से एक दिन पहले अमेरिका ने ड्रैगन को चेतावनी दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल होने वाले क्वाड सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज ही जापान पहुंचे हैं। यहां पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस भी टोक्यो पहुंच चुके हैं। बाइजन ने ताइवान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका भी सैन्य हस्तक्षेप करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात के 24 घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत का क्वाड समूह पहले से ही चीन की आंखों की किरकिरी बना हुआ है। ऐसे में नरेंद्र मोदी और जो बाइडन के बीच होने वाली मुलाकात पर पहले से ही उसकी नजर लगी होगी।

जो बाइडन ने कहा कि, अमेरिका- जापान व भारत के अलावा 11 अन्य देश एकसाथ मिलकर हिंद-प्रशांत व्यापार समझौते की शुरुआत करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा अमेरिका जापान व अन्य देशों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि, यह समझौता हमारे करीबी दोस्तों और भागीदारों के साथ काम करने और आर्थिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा, नया हिंद-प्रशांत व्यापार समझौता आपूर्ति शृंखला, डिजिटल व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा, कर्मचारी सुरक्षा और भ्रष्टाचार निरोधी प्रयासों सहित विभिन्न मुद्दों पर अमेरिका और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को मदद करेगा।

वहीं, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भी चीन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, एशिया में शांति और स्थिरता को कायम रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, हम अमेरिकी सहयोग से अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।