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Big Success: अजरबैजान से मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन बिश्नोई प्रत्यर्पित

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मुख्य आरोपी गैंगस्टर सचिन बिश्नोई उर्फ़ सचिन थापन

आयुष गोयल  

Big Success:सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर सचिन बिश्नोई उर्फ़ ​​सचिन थापन को दिल्ली पुलिस ने अजरबैजान के बाकू से भारत प्रत्यर्पित किया है। प्रत्यर्पण की घोषणा करते हुए दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के कमिश्नर एचजीएस धालीवाल ने कहा कि सचिन को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के संगठित प्रयासों की मदद से भारत लाया गया है, जो अजरबैजान के अधिकारियों सहित अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा था।

पुलिस ने कहा कि यह प्रत्यर्पण अजरबैजान के अधिकारियों, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, सीबीआई, इंटरपोल और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से किया गया।

धालीवाल ने कहा, ”यह प्रत्यर्पण और निर्वासन स्पष्ट संदेश देता है कि भारत में अपराध करने के बाद कहीं भी छिपना आसान नहीं है।”

पंजाब के फ़ाज़िल्का का मूल निवासी, सचिन कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का रिश्तेदार है, जो मई 2022 में मूसेवाला की सनसनीखेज हत्या के बाद से फ़रार था। अगस्त में हिरासत में लिए जाने के बाद वह भारत में प्रत्यर्पण से बचने के लिए अजरबैजान में क़ानूनी लड़ाई लड़ रहा था। पिछले साल मूसेवाला की हत्या से ठीक पहले सचिन ने दुबई के रास्ते भारत छोड़ दिया था। उसने कथित तौर पर मूसेवाला की हत्या के लिए रसद का प्रबंधन किया था और फिर तिलक राज टुटेजा के नाम से जारी फ़र्ज़ी पासपोर्ट पर भारत से दुबई चला गया था। बाद में वह बाकू भाग गया था और वहां उसे हिरासत में लिया गया।

धालीवाल ने कहा,“यह एक बड़ी सफलता है।स्पेशल सेल ने सचिन बिश्नोई को बाकू, अजरबैजान से प्रत्यर्पित किया है। वह एक समाचार चैनल पर आया था और उसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी और अधिकारियों को चुनौती दी थी। इसके बाद से पिछले 16 महीनों से स्पेशल सेल की ओर से काफी संगठित प्रयास चल रहा था और गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से चार शूटरों को गिरफ़्तार किया गया था। मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई ने अपने रिमांड के दौरान इस घटना का विवरण दिया था, जिसके कारण उनके सिंडिकेट के मुख्य आरोपी सचिन की गिरफ़्तारी हो पायी।”

मूसेवाला की पिछले साल 29 मई को मनसा में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी, जिसके एक दिन बाद पंजाब सरकार ने उनका सुरक्षा कवर हटा दिया था। जांच में पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके क़रीबी सहयोगी गोल्डी बराड़ तक पहुंच गयी, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह कनाडा में रहता है। National Investigation Agency(NIA)  ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत निर्वासन के बाद लॉरेंस बिश्नोई के प्रमुख सहयोगी विक्रमजीत सिंह उर्फ ​​विक्रम बराड़ को गिरफ़्तार कर लिया था।