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Pakistan का कर्ज से हालत खराब, 235 फीसदी ऊपर भागा GAS का दाम- आर्मी पर भी खर्च करने के लिए नहीं बचे हैं पैसे

Pakistan का कर्ज से हालत खराब

पाकिस्तान इस वक्त कई सारी समस्याओं का सामना कर रहा है। देश की अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता हुई पड़ी है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सत्ता से बेदखली के बाद जनता को नई सरकार से आस थी कि आवाम की जिंदगी वापस पटरी पर लौटेगी लेकिन, यहां हालात और भी ज्यादा बिगड़ गई है। देश की जनता इस वक्त भारी महंगाई की मार झेल रही है, विश्व कर्ज बढ़ते जा रहा है। इसके साथ ही देश में भारी बिजली संकट का मुद्दा गहराया हुआ है। पाकिस्तान की आवाम कई घंटों बिना बिजली के काट रही है। बिजली कटौती के चलते नेटवर्क ऑपरेटरों ने भी शाहबाज शरीफ सरकार को चेतावनी दी है कि यही हाल रहा तो जल्द ही देश में इंटरनेट सेवा बंद हो जाएगी। अब तो जनता को एक और बड़ी मार झेलने को मिल रही है। क्योंकि, यहां पर घरेलू गैस के दामों में 235 फसदी की वृद्धि हो गई है। पाकिस्तान की हालत इतनी खराब है कि अपनी रक्षा तक पर खर्च करने के लिए पैसे नहीं बचे हैं।

पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार ने 1 जुलाई से नेचुरल गैस की कीमतों में 43 प्रतिशत से 235 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के चलते ज्यादातर घरेलू और अन्य केटेगरी के उपभोक्ताओं से सरकार 660 अरब पाकिस्तानी रुपए वसूलेगी। इधर, देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था के बीच बीते 11 महीनों में पाकिस्तान सरकार का कुल कर्ज 15.3 फीसदी बढ़ गया है। पाकिस्तनी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के हवाले से बताया कि जून 2021 में सरकार का कुल कर्ज 38.704 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए था, जो मई में बढ़कर 44.638 ट्रिलियन हो गया। बता दें कि, पाकिस्तान में 30 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 493 मिलियन अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई है।

पेट्रोलियम राज्यमंत्री मुसादिक मलिक का कहना है कि, लगभग आधे घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कीमतों में उछाल से बचाया हया है, लेकिन उच्च वर्ग पर बोझ काफी बढ़ गया है। यह फैसला पाकिस्तान की कैबिनेट की आर्थिक समन्वय समिति ने लिया है। इसके साथ ही उनका कहना है कि, कीमतों में बढ़ोतरी का उद्देश्य गैस क्षेत्र में सर्कुलर लोन को बढ़ाने से रोकना है। बता दें कि, पाकिस्तान में साल 2018 के बाद से ही ऊर्जा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पाक का घरेलू कर्ज और देनदारियां जून 2021 में जहां 26.968 ट्रिलियन रुपए थी, वहीं मई 2022 में यह बढ़कर 29.850 ट्रिलियन रुपये हो गई है। पाकिस्तान के मीडिया रिपोर्ट की माने तो, देश की घरेलू लोन में भी हालत बुरी है। घरेलू लोन पाकिस्तान की इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ा रोड़ा है। जिसके चलते बजट में कटौती करना पड़ रहा है। पाकिस्तान की इस वक्त हालत यह है कि, देश चलाने के लिए रक्षा बजट में भी कटौनी करनी पड़ी है।