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प्रधानमंत्री बनते ही शाहबाज शरीफ ने मारा यू-टर्न, वादों से मुकर गए, बोलें- जो करना है कर लो लेकिन मैं…

प्रधानमंत्री बनते ही शाहबाज शरीफ ने मारा यू-टर्न

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ जब सत्ता में नहीं आए थे तब तो वो इतने बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं थे लेकिन जब इसपर अमल होने की बात आई तो वो मुकर गए। पाकिस्तान की फितरह ही झूठ बोलना है। चाहे वो कश्मीर को लेकर हो या फिर क्यों न अपने मुल्क की बात हो या फिर क्यों न विश्व स्तर पर हो। हर जगह पाकिस्तान झूठी बयानबाजी करता है और इसी के चलते उसकी हर बार थू-थू होती है। अब एक बार फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की हर ओर निंदा हो रही है कि, अगर उन्हें जनता को राहत देना नहीं था तो फिर उन्होंने वादा क्यों किया। यह तो सरासर झूठ बोल कर जनता को गुमराह करने जैसा है।

दरअसल, शाहबाज शरीफ ईंधन की कीमतों में वृद्धि नहीं करने के अपने फैसले पर पलटी मार सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जोश में आकर लिया गया शहबाज शरीफ का फैसला राजकोष को घाटा पहुंचा सकता है। ऐसे में सरकार जल्द ही अपने फैसले पर यू-टर्न ले सकती है। तेल और गैस नियामक प्राधिकरण ने पाकिस्तानी सरकार को ईंधन के दामों में बढ़ोत्तरी के सुझाव दिए हैं। जिसमें प्रति लीटर पेट्रोल पर दाम 83.5रुपए और डीजल के दामों में सीधे 119रुपए की बढ़ोत्तरी हो सकती है। यानि पेट्रोल और डीजल 200रुपए प्रति लीटर के पार जा सकता है।

शाहबाज शरीफ ने देश की जनता को हसीन सपने दिखाए थे। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई पर काबू करने को लेकर लंबी-लंबी बातें फेंकी थी। लेकिन, जब इसपर अमल होने की बारी आई तो वो पीछे कदम खींचने लगे। पाकिस्तान के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (ओजीआरए) ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की सिफारिश की थी, जिसे शहबाज शरीफ ने खारिज कर दिया था और कहा था अगले एक पखवाड़े तक ईंधन के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं होगी। लेकिन अब लगता है कि शहबाज अपने वादे से मुकरने वाले हैं।

द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार, आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि सरकार अपने फैसले को वापस ले सकती है क्योंकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने शहबाज शरीफ द्वारा ईंधन की कीमतों में वृद्धि नहीं करने के पिछले फैसले से नाखुश जताई है। हालांकि इस बात की उम्मीद काफी ज्यादा है कि पेट्रोल और डीजल के दाम कितने बढ़ाए जाएं, इस पर फैसला मंत्रालय लेगा।