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भीख का कटोरा लेकर दुनिया भर में घूम रहे हैं शहबाज शरीफ ने Pak मंत्रियों पर फोड़ा सैलरी बम

पाकिस्तानी मंत्रियों का वेतन-भत्ता खत्म

इस समय पाकिस्तान की आर्थिक हालत बेहद खराब है। लोगों के पास दो वक्त की रोटी खाने के लिए आटा तक नहीं है और आटा खरीदने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं लेकिन तब भी कई लोगों को यह नहीं मिल पा रहा है। सब्जियों से लेकर तमाम खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं और कमरतोड़ महंगाई ने पाकिस्तान की जनता को परेशान कर रखा है। वहीं अब तक पाकिस्तान IMF के भरोसे बैठा हुआ था ताकि उसे लोन मिल जाये लेकिन अब उसकी इस उम्मीद पर भी पानी फिरते नजर आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में कंगाली से बचने के लिए व्यापक कटौती की घोषणा की गई है। सरकार ने इन कटौतियों के जरिए सालाना 200 अरब रुपये बचाने का प्लान बनाया है। इसकी मार सबसे ज्यादा पाकिस्तान के कैबिनेट मंत्री और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे राजनेताओं पर पड़ी है।

पीएम शहबाज शरीफ ने घोषणा की सरकार के मितव्ययिता उपायों के तहत संघीय मंत्रियों, सलाहकारों और सहायकों को वेतन और अन्य लाभ नहीं मिलेंगे। इस्लामाबाद में संघीय कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस से बात करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि सभी संघीय मंत्रियों को अब अपने स्वयं के बिजली, गैस और पानी के बिलों का भुगतान करना होगा। शहबाज ने जोर देकर कहा कि बढ़ती महंगाई और कर्ज सहित देश की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए ये उपाय जरूरी थे। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक स्थिरता बहाल करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रियों को मिलने वाले लाभों को कम करने का निर्णय पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों के बीच आया है।

पाकिस्तानी मंत्रियों का वेतन-भत्ता बंद

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को दूर करने में सरकारी अधिकारियों सहित सभी नागरिकों का सहयोग मांगा है। उन्होंने पाकिस्तानी नागरिकों से खर्च कम करने की आदत ढालने और देश की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया है। जब उनसे पूछा गया कि कैबिनेट मंत्री बिना वेतन के गुजारा कैसे करेंगे तो शहबाज ने कहा कि वे अपना जीवन वैसे ही जिएंगे जैसे वे रहते थे।

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मंत्रियों को मिलेगा सिर्फ एक वाहन

शहबाज ने कहा कि मंत्रियों को आवश्यकता के अनुसार केवल एक सुरक्षा वाहन उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि वे विदेश और घरेलू दोनों यात्राओं पर इकोनॉमी क्लास में यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि सहयोगी स्टाफ को विदेश दौरों पर साथ जाने की इजाजत नहीं होगी जबकि कैबिनेट सदस्य विदेश दौरों पर पांच सितारा होटलों में नहीं ठहरेंगे। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों, मंडलों और संबंधित संस्थानों में खर्च में 15 फीसदी की कटौती की जाएगी।

सरकारी आवास बेचे जाएंगे

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शहर के केंद्रों में सभी सरकारी आवास बेचे जाएंगे। किसी अधिकारी को एक से अधिक भूखंड आवंटित नहीं किए जाएंगे और अतिरिक्त भूखंड वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा खर्च को कम करने के लिए वीडियो लिंक पर सरकारी बैठकों को प्राथमिकता दी जाएगी, कोई नया विभाग गठित नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने फैसला किया है कि गर्मी में बिजली बचाने के लिए कार्यालय सुबह 7:30 बजे खोले जाएंगे जबकि सरकारी कार्यालयों में ऊर्जा बचाने वाले उपकरण लगाए जाएंगे।