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Pakistan को दिवालियापन से बचाने निकले शरीफ- कटोरा लेकर खैरात मांगने पहुंचे Geneva

Shehbaz Sharif in Geneva

Shehbaz Sharif in Geneva: पाकिस्तान इस वक्त भारी आर्थिक तबाही (Pakistan Economic Crisis) से गुजर रहा है। कर्ज में डूबे पाकिस्तान में इस वक्त आटा, चावल से लेकर रसोई गैस और अन्य कई चीजों की भारी कमी आ गई है। आटा तो इस वक्त 250 के करीब पहुंच गया है। साथ ही मुल्क से गेहूं भी खत्म होता जा रहा है। ऐसे में अब शहबाज शरीफ के आगे हाथ फैलान के सिवाय कुछ बचा नहीं है। जिसके लिए वो चल दिये हैं जिनेवा (Shehbaz Sharif in Geneva) जहां पर मदद की गुहार लगायेंगे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जिनेवा (Shehbaz Sharif in Geneva) के लिए रवाना हो गये हैं, जहां वो पाकिस्तान को इस भारी आर्थिक तबाही से बचाने के लिए करोड़ों रुपये की मांग करेंगे।

यूरोप से भीख मांगेगा पाकिस्तान
दरअसल, पिछले साल की विनाशकारी बाढ़ से पाकिस्तान को उबारने के लिए 16 अरब डॉलर से अधिक का कोष जुटाने के मद्देनजर महत्वपूर्ण सम्मेलन की सह-मेजबानी करने के लिए शहबाज शरीफ जिनेवा पहुंचे हैं। सोमवार को होने वाले इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस भी शिरकत करेंगे। पिछले साल आई बाढ़ में 1,700 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 3.3 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए थे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है, जिसमें विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी, वित्त मंत्री इसहाक डार, जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान और सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब शामिल हैं। यात्रा शुरू करने से पहले शरीफ ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि वह बाढ़ पीड़ितों के बारे में दुनिया को अवगत कराएंगे। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में आई बाढ़ को बड़ी वीभिषिका करार दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने पाकिस्तान का दौरा कर लोगों से मदद की अपील की थी।

225 रुपये के किलो हुआ आटा
पाकिस्तान में अब भी हालत खराब है। मुल्क में 2022 में आई बाढ़ का पानी अब भी कई निचले इलाकों में भरा हुआ है। जिसके चलते कई जगह झील बन गई है और इन ठहरे हुए पानी में मच्छर पैदा हो रहे हैं, जो मलेरिया को फैला रहे हैं। साथ ही गंदा पानी पीने से लोगों को पेट की कई बीमारियां भी हो रही हैं। हजारों लोगों के खेत रुके हुए पानी में समाए हुए हैं। इससे ये लोग खेती नहीं कर पा रहे हैं। लोगों के पास खाने को अनाज भी नहीं है। हाल यह है कि, पाकिस्तान में गेहूं की कमी आ गई है जिसके चलते आटे के दाम में आग लग गई है। सरकारी डेटा के अनुसार, पाकिस्तान में थोक में 1 किलो आटे की कीमत 225 रुपये तक पहुंच गई है। पाकिस्तान के इतिहास में आटा कभी भी इतना ज्यादा महंगा नहीं हुआ है। वहीं, लोगों को खाना पकाने के लिए रसोई गैस की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है।

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