Hindi News

indianarrative

मिसाइल मामले में बाइडेन ने लगाई इमरान खान को फटकार, बोले- ‘आंख खोल कर देखों.. ये महज दुर्घटना थी, साजिश नहीं’

Courtesy Google

भारतीय मिसाइल गिरने के मामले को पाकिस्तान कुछ ज्यादा ही खींच रहा है। जिसके चलते अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पाक प्रधानमंत्री इमरान खान को जमकर फटकार लगाई है और समझाया है कि ये घटना एक गलती के अलावा और कुछ भी नहीं थी। मिसाइल के दुर्घटनावश चलने के कारण ऐसा हुआ है। आपको बता दें कि भारत ने भी 11 फरवरी को कहा था कि दो दिन पहले गलती से एक मिसाइल चल गई थी, जो पाकिस्तान में गिरी और यह खेदजनक घटना नियमित रख रखाव के दौरान एक तकनीकी खराबी के कारण हुई थी।

यह भी पढ़ें- हिजाब विवाद पर कर्नाटक HC के फैसले पर भड़की महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला भी लगे सुर से सुर मिलाने

इसको लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि जैसा कि आपने हमारे भारतीय साथियों से भी सुना है कि यह घटना एक गलती के अलावा और कुछ भी नहीं थी, हमें भी इसके पीछे और कोई कारण नजर नहीं आता। प्राइस ने एक सवाल के जवाब में कहा, आप इस संबंध में अन्य कोई भी सवाल भारतीय रक्षा मंत्रालय से करें।

उन्होंने 9 मार्च को एक बयान जारी कर स्पष्ट किया था कि वास्तव में उस दिन क्या हुआ था। हम उससे इतर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। लेकिन पाकिस्तान है कि ये मानने को तैयार ही नहीं है। भारत अपने बयान में इस घटना को लेकपर भरोसा दिला चुका है कि वो दुर्घटनावश मिसाइल चल जाने की घटना को गंभीरता से लेगा और उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी भी करेगा।

यह भी पढ़ें- Vastu Tips: पति-पत्नी के बीच हो रहे रोज झगड़े तो सोने से पहले गाय के घी का इस तरह करें इस्तेमाल, लौटेगा प्यार

वहीं, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के पत्र सूचना कार्यालय की रक्षा इकाई के उस प्रेस वक्तव्य पर गौर किया है, जिसमें उसने 9 मार्च को पाकिस्तानी क्षेत्र में गिरी भारतीय मिसाइल के तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटनावश चलने पर खेद व्यक्त किया है और एक उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी कराने का निर्णय किया है।

पाकिस्तान ने भारत उपराजदूत को तलब किया था बगैर किसी उकसावे के भारतीय मिसाइल द्वारा उसके वायुक्षेत्र के उल्लंघन को लेकर अपना गहरा प्रतिरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोइद यूसुफ ने शुक्रवार को संवेदनशील प्रौद्योगिकी को संभाल पाने की भारत की क्षमता पर सवाल खड़ा किया और कहा कि भारत सरकार ने दुर्घटनावश मिसाइल चल जाने की घटना के बारे में पाकिस्तान सरकार को अवगत भी नहीं कराया।