Hindi News

indianarrative

दिल्ली से पटना का सफर सिर्फ 4 घण्टे में, वंदे भारत को बुलेट ट्रेन में किया जा रहा तब्दील

क्या वंदे भारत दे रही है बुलेट ट्रेन को टक्कर?

भारतीय रेल देश में विभिन्न स्थानों की दूरी कम करने के लिए ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसमें रेल पांतों को भी बदला जा रहा है। दूरी कम करने के लिए नई रेल लाइन बिछाई जा रहीं हैं। सिग्नल सिस्ट को बहुत पहले अपडेट किया जा चुका है। वहीं देश में वंदे भारत का काम भी बहुत तेज गति से चल रहा है। ऐसे में स्वदेशी तकनीक से विकासित भारतीय रेल की सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन शून्य से सौ किलोमीटर की रफ्तार तक पहुंचने में विदेशी बुलेट ट्रेन से भी तेज है। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि शून्य से सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पाने में बुलेट ट्रेन को जहां 55.4सेकंड लगता है, वहीं वंदे भारत इस रफ्तार को मात्र 54सेकंड में पा लेती है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया की वंदे भारत काफी अपग्रेड है। यही वजह है कि इसकी रफ्तार बढ़िया है। यह इंजन नहीं बल्कि स्वचालित मोटरों की सहायता से चलती है। 16कोच वाली इस ट्रेन के पांच कोच में मोटर लगी होती हैं। बुलेट ट्रेन के आगे लगे एक इंजन पर वंदे भारत के पूरे ट्रेन में लगी 20मोटर ज्यादा कारगर होती है। अभी वंदे भारत ट्रेन की गति 160किलोमीटर प्रतिघंटा है। नया वर्जन 180किमी प्रतिघंटा होगा। जबकि चरणबद्ध तरीके से 2025तक अपग्रेड वर्जन 260किमी प्रतिघंटा से दौड़ेगी। इससे दिल्ली से पटना तक की दूरी महज 4-5घंटों में तय हो जाएगी। अभी राजधानी एक्सप्रेस को 12घंटे से अधिक समय लगता है।

देशभर में 400सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलेंगी

रेलवे बोर्ड देशभर में 400 सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन को चलाने की तैयारी में जूता हुआ है। इसके लिए जापान, फ्रांस, चीन, जर्मनी आदि देशों की तर्ज पर उच्च क्षमता की विद्युत लाइनें (2 गुणा 25) बिछाई जा रही हैं। राजधानी, शताब्दी, दुरंतो भी एक इंजन के सहारे चलती है। ऐसे में शून्य से 100 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ने में इन ट्रेन को 1.5 मिनट का समय लगता है। हालांकि, रेलवे ने कुछ ट्रेन में आगे और पीछे इंजन लगाकर पिकअप तेज किया है।